कोरबा 5 अगस्त 2026। कोरबा नगर निगम के स्वच्छता अभियान के दौरान निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय के साथ कथित अभद्रता और राजनीतिक रसूख का हवाला देकर दबाव बनाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। वायरल वीडियो के बाद यह विवाद प्रशासनिक दायरे से निकलकर राजनीतिक मुद्दा बन गया है। नगर निगम के पार्षदों ने अपर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर संबंधित दुकानदार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मामला शहर के पावर हाउस रोड स्थित ‘राहुल बैग’ नामक व्यावसायिक प्रतिष्ठान के बगल में फैले कचरे से जुड़ा है। नगर निगम की टीम ने स्वच्छता अभियान के तहत मौके पर पहुंचकर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। इसी दौरान दुकानदार ने निगम कर्मचारियों से विवाद शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय खुद मौके पर पहुंचे और दुकानदार को स्वच्छता व्यवस्था में सहयोग करने तथा जुर्माना जमा करने की बात कही। आरोप है कि इसके बावजूद दुकानदार ने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय राजनीतिक पहुंच का हवाला देते हुए निगम आयुक्त से बहस की।
वायरल वीडियो में दुकानदार यह कहते हुए दिखाई देता है कि “मुझे मंत्री से लेकर महापौर तक सब जानते हैं…”। इस पूरे घटनाक्रम के बाद निगम आयुक्त के निर्देश पर कोतवाली थाने में दुकानदार के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराया गया। दूसरी ओर, दुकानदार ने भी नगर निगम आयुक्त और उनकी टीम के खिलाफ कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उसका आरोप है कि उसके साथ जबरन कार्रवाई की गई और उसे परेशान किया गया। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर रही है।
पार्षदों ने खोला मोर्चा, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक रंग लेने लगा है। नगर निगम के पार्षदों ने सभापति नूतन सिंह ठाकुर के नेतृत्व में इस घटना को सरकारी अधिकारियों के सम्मान और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल और एसपी सिद्धार्थ तिवारी से मुलाकात की। उन्होंने मांग की कि शासकीय कार्य में बाधा डालने और अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
स्वच्छ शहर केवल निगम की नहीं, नागरिकों की भी जिम्मेदारी
नगर निगम लगातार शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए अभियान चला रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने वालों के खिलाफ जुर्माना भी लगाया जा रहा है। स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व भी है। यदि सफाई अभियान के दौरान अधिकारी और कर्मचारी विरोध, दबाव या धमकी का सामना करेंगे, तो स्वच्छ शहर का लक्ष्य हासिल करना और कठिन हो जाएगा। फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच जारी है, लेकिन वायरल वीडियो के बाद यह विवाद अब प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़कर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।

