Health Desk: छोटे बच्चों के दांतों में कैविटी का इलाज अक्सर माता-पिता और डॉक्टर दोनों के लिए चुनौती बन जाता है। डेंटिस्ट की ड्रिल मशीन, इंजेक्शन का डर और बच्चों का घबराना कई बार इलाज को मुश्किल बना देता है। कुछ मामलों में इलाज के लिए बच्चों को बेहोश (जनरल एनेस्थीसिया) तक करना पड़ता है। लेकिन अब अमेरिका की मिशिगन यूनिवर्सिटी की एक नई स्टडी ने ऐसी तकनीक की ओर उम्मीद जगाई है, जिससे शुरुआती कैविटी का इलाज बिना ड्रिलिंग और बिना इंजेक्शन के किया जा सकता है।
शोधकर्ताओं के मुताबिक, सिल्वर डायमीन फ्लोराइड (Silver Diamine Fluoride-SDF) नाम का एक विशेष लिक्विड दूध के दांतों में होने वाली कैविटी को बढ़ने से रोकने में प्रभावी साबित हुआ है। यदि इसे व्यापक मंजूरी मिलती है, तो यह छोटे बच्चों के लिए दांतों का इलाज पहले से कहीं आसान और कम दर्दनाक बना सकता है।
क्या है सिल्वर डायमीन फ्लोराइड (SDF)
सिल्वर डायमीन फ्लोराइड, जिसे संक्षेप में SDF कहा जाता है, एक विशेष दंत चिकित्सा लिक्विड है। डेंटिस्ट इसे एक छोटी स्पंज या ब्रश की मदद से सीधे कैविटी वाले हिस्से पर लगाते हैं। पूरी प्रक्रिया में केवल कुछ सेकंड लगते हैं और इसमें न ड्रिल मशीन की जरूरत होती है, न इंजेक्शन की और न ही बच्चे को बेहोश करना पड़ता है।
स्टडी में क्या सामने आया ?
अमेरिका की मिशिगन यूनिवर्सिटी के नेतृत्व में किए गए फेज-3 क्लीनिकल ट्रायल में छह वर्ष से कम उम्र के 830 बच्चों को शामिल किया गया। इन सभी बच्चों के दूध के दांतों में कैविटी थी। शोधकर्ताओं ने हर छह महीने में बच्चों के प्रभावित दांतों पर 38 प्रतिशत सिल्वर डायमीन फ्लोराइड लगाया। अध्ययन में पाया गया कि इलाज किए गए आधे से अधिक दूध के दांतों में कैविटी का बढ़ना रुक गया। यानी बिना ड्रिलिंग और फिलिंग के भी दांतों की सड़न को नियंत्रित किया जा सका।
कैसे काम करता है SDF ?
SDF में मौजूद सिल्वर कैविटी पैदा करने वाले बैक्टीरिया को नियंत्रित करने में मदद करता है, जबकि फ्लोराइड दांतों को मजबूत बनाता है और सड़न को आगे बढ़ने से रोकने में सहायक होता है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि SDF कैविटी को भरता नहीं है और न ही खराब हुए दांत को पहले जैसा बना देता है। इसका मुख्य उद्देश्य केवल दांतों की सड़न को आगे बढ़ने से रोकना है।
किन बच्चों के लिए हो सकता है ज्यादा फायदेमंद ?
विशेषज्ञों के अनुसार, यह तरीका खासतौर पर उन छोटे बच्चों के लिए उपयोगी हो सकता है—
- जो डेंटिस्ट से बहुत डरते हैं।
- जिनका सामान्य तरीके से इलाज करना मुश्किल होता है।
- जिन्हें जल्दी डेंटल सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती।
- जिनमें शुरुआती या सीमित कैविटी मौजूद होती है।
क्या हैं इसकी सीमाएं ?
SDF के कई फायदे हैं, लेकिन इसकी कुछ सीमाएं भी हैं। जिस हिस्से पर यह लिक्विड लगाया जाता है, वहां की सड़ी हुई जगह स्थायी रूप से काली पड़ जाती है। यानी कैविटी का बढ़ना तो रुक सकता है, लेकिन दांत का प्रभावित हिस्सा पहले जैसा सफेद नहीं दिखेगा।इसके अलावा, यदि कैविटी बहुत गहरी हो चुकी है या दांत को गंभीर नुकसान पहुंच चुका है, तो फिलिंग, रूट कैनाल या अन्य डेंटल उपचार की जरूरत पड़ सकती है।
भविष्य में क्या बदल सकता है ?
शोधकर्ताओं का मानना है कि इस अध्ययन से मिले मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) से कैविटी के इलाज के लिए SDF को आधिकारिक मंजूरी दिलाने में मदद कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो भविष्य में छोटे बच्चों के लिए कैविटी का इलाज पहले की तुलना में अधिक आसान, कम दर्दनाक और अपेक्षाकृत सस्ता हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या SDF कैविटी को पूरी तरह खत्म कर देता है ?
नहीं। यह कैविटी को भरता नहीं है, बल्कि सड़न को आगे बढ़ने से रोकने में मदद करता है।
क्या बिना ड्रिलिंग के इलाज संभव है ?
शुरुआती या सीमित कैविटी वाले कुछ मामलों में SDF की मदद से बिना ड्रिल और इंजेक्शन के इलाज संभव हो सकता है। हालांकि, गंभीर मामलों में फिलिंग या अन्य उपचार की जरूरत बनी रहती है।
SDF लगाने के बाद दांत काले क्यों पड़ जाते हैं ?
सड़ी हुई जगह पर रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण प्रभावित हिस्सा काला पड़ जाता है। इसे इस बात का संकेत भी माना जाता है कि उस हिस्से में सड़न की प्रक्रिया रुक गई है।
क्या यह हर तरह की कैविटी में काम करता है ?
नहीं। यह मुख्य रूप से शुरुआती या सीमित कैविटी में प्रभावी माना जाता है। गंभीर संक्रमण या गहरी कैविटी में अन्य डेंटल उपचार की आवश्यकता पड़ सकती है।

