रायपुर 31 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष के पद को लेकर चल रही अंदरूनी हलचल अब खुलकर सामने आने लगी है। नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर सोशल मीडिया पर नेताओं के समर्थन में चल रहे अभियान के बीच कांग्रेस संगठन ने पहली अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष अरुण मालाकार को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। इस कदम को पार्टी के भीतर बढ़ती गुटबाजी पर लगाम लगाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष अरुण मालाकार ने अपने फेसबुक अकाउंट पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और विधायक उमेश पटेल को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के समर्थन में एक पोस्ट साझा की थी। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई, जिसके बाद प्रदेश कांग्रेस संगठन ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पार्टी संविधान के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब दिल्ली दौरे से लौटे कांग्रेस नेताओं के बाद प्रदेश अध्यक्ष बदलने की चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
पार्टी के भीतर अलग-अलग नेताओं के समर्थक सोशल मीडिया के जरिए अपने-अपने दावेदारों के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस आलाकमान किसी भी तरह का सार्वजनिक शक्ति प्रदर्शन या गुटबाजी का संदेश नहीं देना चाहती। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर किए गए समर्थन को भी संगठन ने गंभीरता से लिया है। गौर करने वाली बात यह भी है कि हाल ही में प्रदेश कांग्रेस ने नेताओं और संभावित दावेदारों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों में किसी भी धरना, आंदोलन, जनसंपर्क अभियान या राजनीतिक कार्यक्रम से पहले जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) और PCC से समन्वय अनिवार्य किया गया था।
अब सोशल मीडिया पोस्ट पर नोटिस जारी होने से साफ संकेत मिल रहे हैं कि संगठन अनुशासन के मुद्दे पर कोई ढील देने के मूड में नहीं है। हालांकि, इस कार्रवाई ने कांग्रेस के भीतर चल रही नेतृत्व की लड़ाई और गुटीय राजनीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर अलग-अलग नेताओं के नाम चर्चा में हैं, लेकिन अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान को करना है। फिलहाल, एक सोशल मीडिया पोस्ट पर जारी नोटिस ने यह साफ कर दिया है कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस में PCC की कुर्सी को लेकर सियासी हलचल तेज है और संगठन अब हर गतिविधि पर करीबी नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर होने वाला फैसला कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति की दिशा तय करेगा।


