Health Tips: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। लेकिन अगर पर्याप्त पानी पीने के बाद भी बार-बार प्यास लगती है या गला बार-बार सूखता है, तो इसे सामान्य आदत समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार अधिक प्यास लगना कई स्वास्थ्य समस्याओं का शुरुआती संकेत हो सकता है, जिनमें डायबिटीज सबसे प्रमुख है।
गर्मी, धूप में लंबे समय तक रहने, अधिक पसीना आने, व्यायाम करने या पर्याप्त पानी न पीने पर ज्यादा प्यास लगना सामान्य माना जाता है। इसके अलावा उल्टी, दस्त या तेज बुखार के दौरान भी शरीर से पानी तेजी से निकलता है, जिससे बार-बार पानी पीने की जरूरत महसूस हो सकती है। ऐसे मामलों में पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लेने से स्थिति सामान्य हो जाती है।
डायबिटीज का शुरुआती संकेत हो सकता है
अगर बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार प्यास लग रही है और इसके साथ बार-बार पेशाब भी आ रहा है, तो यह डायबिटीज का शुरुआती लक्षण हो सकता है। खून में शुगर का स्तर बढ़ने पर शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करता है, जिससे शरीर में पानी की कमी होने लगती है और प्यास बढ़ जाती है। यदि इसके साथ थकान, धुंधला दिखाई देना या बिना किसी वजह के वजन कम होना जैसे लक्षण भी हों, तो डॉक्टर से सलाह लेकर ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए।
दवाओं का भी हो सकता है असर
कुछ दवाएं, खासकर पेशाब बढ़ाने वाली दवाएं (Diuretics), शरीर में पानी का संतुलन प्रभावित कर सकती हैं। यदि किसी नई दवा की शुरुआत के बाद यह समस्या महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लें। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा बंद नहीं करनी चाहिए। कुछ मामलों में डायबिटीज इंसिपिडस (Diabetes Insipidus) जैसी दुर्लभ हार्मोन संबंधी बीमारी या किडनी की कुछ समस्याओं के कारण भी अत्यधिक प्यास और बार-बार पेशाब आने की शिकायत हो सकती है। हालांकि, ये कारण अपेक्षाकृत कम पाए जाते हैं।
कब डॉक्टर से मिलना चाहिए ?
यदि कई दिनों तक लगातार बहुत ज्यादा प्यास लग रही है, पर्याप्त पानी पीने के बाद भी राहत नहीं मिल रही, बार-बार पेशाब आ रहा है या इसके साथ थकान, चक्कर आना, मुंह सूखना, धुंधला दिखाई देना या वजन कम होना जैसे लक्षण भी हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेने में देर नहीं करनी चाहिए। समय पर जांच से बीमारी का जल्द पता लगाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर इलाज शुरू किया जा सकता है।

