नई दिल्ली 21 जुलाई 2026। संसद के मानसून सत्र के बीच NEET पेपर लीक विवाद पर सियासी टकराव मंगलवार को उस समय और तेज हो गया, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठ गए। राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी समेत विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और प्रधानमंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने बाद में राहुल गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लेकर मौके से हटा दिया। कांग्रेस नेताओं का यह प्रदर्शन पूरी तरह गोपनीय रखा गया था।
पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास से राहुल गांधी और अन्य नेता पैदल मार्च करते हुए प्रधानमंत्री आवास के पिछले गेट तक पहुंचे। मीडिया को इसकी जानकारी तब दी गई, जब प्रदर्शनकारी पीएम आवास से करीब 100 मीटर की दूरी पर पहुंच चुके थे। करीब साढ़े तीन बजे शुरू हुए धरने के दौरान जब पुलिस प्रदर्शन समाप्त कराने पहुंची, तो राहुल गांधी कथित तौर पर सड़क पर लेट गए। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें हाथ-पैर पकड़कर उठाया और बस में बैठाकर हिरासत में ले लिया। अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी, कांग्रेस सांसदों और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को भी पुलिस ने मौके से हटाया।
सरकार से बातचीत भी बेनतीजा रही
प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह सचिव गोविंद मोहन सरकार की ओर से बातचीत के लिए धरनास्थल पहुंचे। राहुल गांधी से चर्चा के बाद जितेंद्र सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और फिर वापस आकर कांग्रेस नेताओं से दोबारा बातचीत की, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि राहुल गांधी की शुरुआती मांग संसद में NEET मुद्दे पर चर्चा कराने की थी और सरकार इसके लिए तैयार हो गई थी। लेकिन बाद में कांग्रेस ने अपनी मांग बदलते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को भी शर्त बना दिया। सरकार का आरोप है कि कांग्रेस ने सहमति बनने के बाद अपना रुख बदल दिया।
कांग्रेस का आरोप- जवाबदेही से बच रही सरकार
कांग्रेस का कहना है कि NEET पेपर लीक देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है और केवल चर्चा से काम नहीं चलेगा। पार्टी का आरोप है कि सरकार इस मामले में राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने से बच रही है। इसी वजह से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और प्रधानमंत्री से जवाब मांगने के लिए यह प्रदर्शन किया गया। संसद के भीतर और बाहर NEET पेपर लीक का मुद्दा अब केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच सीधी राजनीतिक लड़ाई बन चुका है। एक ओर सरकार चर्चा के जरिए विवाद खत्म करना चाहती है, तो दूसरी ओर कांग्रेस इसे जवाबदेही और नैतिक जिम्मेदारी का मुद्दा बनाकर सरकार को लगातार घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में मानसून सत्र के दौरान यह विवाद और अधिक राजनीतिक गर्मी पैदा कर सकता है।

