नई दिल्ली/ओडेसा 20 जुलाई 2026। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक बार फिर समुद्री व्यापार पर युद्ध की मार देखने को मिली है। यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास एक वाणिज्यिक मालवाहक जहाज पर हुए मिसाइल हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल है। इस घटना के बाद भारत सरकार ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए हमले की कड़ी निंदा की है और यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास को प्रभावित नागरिकों की हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक 19 जुलाई की शाम गिनी-बिसाऊ के झंडे के तहत संचालित मालवाहक जहाज एमवी गोल्डन लियो (MV Golden Leo) ओडेसा बंदरगाह से रवाना हो रहा था। इसी दौरान जहाज पर कथित तौर पर तीन क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। मिसाइल लगते ही जहाज में भीषण आग लग गई और अफरा-तफरी मच गई। जहाज पर उस समय 17 चालक दल के सदस्य मौजूद थे, जिनमें 5 भारतीय नागरिक शामिल थे।
4 भारतीयों की मौत, एक जिंदगी की जंग लड़ रहा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि एक भारतीय गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज चल रहा है। भारतीय मिशन स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है और घायलों व मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है। सरकार ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायल भारतीय के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
मक्का से भरा था जहाज, रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक जहाज में मक्का लदा हुआ था। हमले के बाद पूरी रात खोज एवं बचाव अभियान चलाया गया, जिसमें आठ लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। हालांकि जहाज पर मौजूद समुद्री पायलट समेत कई लोगों की मौत की भी पुष्टि हुई है। इस हमले ने एक बार फिर काला सागर में चल रहे समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारत ने जताई कड़ी आपत्ति
भारत सरकार ने वाणिज्यिक जहाज पर हुए इस हमले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि व्यापारिक जहाजों और नागरिक चालक दल को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसे हमले न केवल निर्दोष लोगों की जान जोखिम में डालते हैं, बल्कि वैश्विक समुद्री व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रता को भी प्रभावित करते हैं। भारत ने सभी पक्षों से नागरिकों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
केरल सरकार भी सक्रिय
घटना में एक मलयाली नागरिक के मारे जाने की खबरों के बाद केरल सरकार भी सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने प्रवासी मामलों की एजेंसी नोरका (NORKA) को विदेश मंत्रालय और रूसी वाणिज्य दूतावास से तत्काल संपर्क कर पूरी जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार मृतक की पहचान और अन्य जरूरी औपचारिकताओं पर भी नजर बनाए हुए है।
समुद्री सुरक्षा पर फिर गहराए सवाल
ओडेसा बंदरगाह के पास हुआ यह हमला केवल एक जहाज पर हमला नहीं, बल्कि युद्ध के बीच अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की बढ़ती असुरक्षा का संकेत भी है। लगातार हो रहे ऐसे हमलों से यह सवाल और गहरा हो गया है कि युद्ध क्षेत्र में संचालित वाणिज्यिक जहाजों और उन पर कार्यरत निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा आखिर कैसे सुनिश्चित की जाएगी। भारतीय नागरिकों की मौत ने इस चिंता को और गंभीर बना दिया है।

