रायपुर 15 जुलाई 2026। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कारोबारी विकास गर्ग की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली से गिरफ्तार किए गए विकास गर्ग को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया, जहां एजेंसी ने उससे पूछताछ के लिए कस्टोडियल रिमांड की मांग की। दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस गिरफ्तारी को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके आरोपों के बाद प्रदेश की सियासत में नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
आपको बता दे ED ने 14 जुलाई को विकास गर्ग को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। इसके बाद दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने उसे 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर एजेंसी को सौंप दिया। रायपुर लाए जाने के बाद ED ने अदालत से उसकी कस्टोडियल रिमांड मांगी है। एजेंसी का कहना है कि विकास गर्ग से महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क, 1200 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय लेनदेन और अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ की जाएगी। इससे पहले ED विकास गर्ग से जुड़ी करीब 940 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी जब्त कर चुकी है।
पूर्व CM बघेल के आरोपों से गरमाई सियासत
विकास गर्ग की गिरफ्तारी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा पर निशाना साधा। बघेल ने दावा किया कि विकास गर्ग, भाजपा दिल्ली के आर्थिक प्रकोष्ठ के चेयरमैन और पूर्व विधायक नंद किशोर गर्ग के बेटे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महादेव बेटिंग ऐप भाजपा के संरक्षण में संचालित हो रहा था और विकास गर्ग हर महीने करीब 450 करोड़ रुपये की कमाई करता था। बघेल ने यह भी आरोप लगाया कि सिंडिकेट के भीतर हिस्सेदारी को लेकर विवाद होने के बाद ही ED की कार्रवाई शुरू हुई।
उन्होंने महादेव ऐप को भाजपा का “सट्टा प्रकोष्ठ” बताते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की भूमिका सामने आनी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के कुछ पूर्व अधिकारियों का भी जिक्र करते हुए कहा कि उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जब केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार है, तो महादेव ऐप मामले में व्यापक कार्रवाई अब तक क्यों नहीं हुई।
अपने खिलाफ कार्रवाई का भी किया जिक्र
भूपेश बघेल ने कहा कि उनकी सरकार के समय महादेव ऐप के आरोपियों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी करने का आग्रह किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें बदनाम करने के लिए 508 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के आरोप लगाए गए, लेकिन अब जांच आगे बढ़ने पर जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, वे भाजपा से जुड़े बताए जा रहे हैं।
कांग्रेस ने BJP कनेक्शन का उठाया मुद्दा
विकास गर्ग की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने भी इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। पार्टी ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर पोस्ट कर दावा किया कि जिस महादेव ऐप मामले को लेकर भाजपा लंबे समय तक कांग्रेस पर हमलावर रही, उसी मामले में अब ED ने भाजपा से जुड़े व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। कांग्रेस ने पोस्ट में दावा किया कि विकास गर्ग पूर्व भाजपा विधायक नंद किशोर गर्ग के बेटे हैं और भाजपा को इस कथित संबंध पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
पार्टी ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ विकास गर्ग की कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सवाल उठाए। भूपेश बघेल और कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों पर खबर लिखे जाने तक भाजपा की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे में अब राजनीतिक निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा इन आरोपों का क्या जवाब देती है।
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामला पहले से ही छत्तीसगढ़ की राजनीति के केंद्र में रहा है। अब विकास गर्ग की गिरफ्तारी और उसके बाद कांग्रेस की ओर से भाजपा पर लगाए गए आरोपों ने इस मामले को नया राजनीतिक आयाम दे दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है, जबकि ED की जांच भी इस पूरे मामले में नए खुलासे कर सकती है।
विकास गर्ग‼️
1200 करोड़ का लेनदेन, 450 करोड़ हर महीना‼️
इन्हीं विकास गर्ग को महादेव सट्टा मामले ED ने धर दबोचा‼️👉”महादेव सट्टा ऐप” केस में गिरफ़्तार किए गए इस शख़्स का नाम आप मीडिया में तैरते हुए देख रहे होंगे लेकिन आपको जो बताया नहीं जा रहा है, वो यह है:
▪️विकास गर्ग भारतीय… pic.twitter.com/xdOhQItsd6
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) July 15, 2026

