कवर्धा 10 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के कवर्धा में भाजपा के नए जिला कार्यालय के उद्घाटन समारोह का एक वीडियो अब राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है। कार्यक्रम के दौरान एक महिला के रोते हुए अपनी बात रखने की कोशिश करने का वीडियो सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार पर हमला बोल दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर वीडियो साझा करते हुए भाजपा सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल उठाए हैं। वहीं कांग्रेस का आरोप है कि सरकार जनता की समस्याओं के बजाय राजनीतिक आयोजनों और संगठन विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। घटना के बाद प्रदेश की सियासत में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
फ़रियादी की पीड़ा को सुन तो लेते
बेशर्म हो! कम से कम मिल तो लेते(भाजपा कार्यालय उद्घाटन, कवर्धा) pic.twitter.com/HdL3Gmjhwq
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) July 9, 2026
दरअसल कवर्धा में भाजपा के नवनिर्मित जिला कार्यालय का उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया। इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इसी दौरान एक महिला अपनी समस्या लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंची और कथित तौर पर रोते हुए अपनी बात रखने की कोशिश करती नजर आई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया। वीडियो सामने आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने महिला की बात सुनना भी जरूरी नहीं समझा।
बघेल ने इसे सत्ता में बैठे लोगों की संवेदनशीलता से जोड़ते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।इस मुद्दे को कांग्रेस ने भी जोर.शोर से उठाया है। पार्टी का कहना है कि प्रदेश सरकार जनता की समस्याओं के समाधान की बजाय पार्टी कार्यालयों के निर्माण और संगठनात्मक गतिविधियों को प्राथमिकता दे रही है। कवर्धा जिला कांग्रेस कमेटी ने भी सवाल उठाया कि जिले की लंबे समय से लंबित रेल लाइन परियोजना अब तक शुरू नहीं हो सकी, लेकिन भाजपा अपने संगठनात्मक विस्तार में व्यस्त है।हालांकि महिला किस समस्या को लेकर कार्यक्रम में पहुंची थी और उसकी शिकायत क्या थी, इसे लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं वायरल वीडियो और विपक्ष के आरोपों पर भाजपा की ओर से भी अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि छत्तीसगढ़ में ऐसे मुद्दे अक्सर सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव का कारण बनते रहे हैं। ऐसे में कवर्धा का यह मामला भी केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे लेकर सरकार की कार्यशैली, जनसरोकार और राजनीतिक प्राथमिकताओं पर नई बहस शुरू हो गई है। अब सभी की नजर भाजपा की प्रतिक्रिया पर है। यह देखना होगा कि सरकार इस पूरे विवाद पर अपना पक्ष किस तरह रखती है और महिला की शिकायत को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहालए कवर्धा का यह वीडियो प्रदेश की राजनीति में नया सियासी मुद्दा बन चुका है।

