रायपुर 9 जुलाई 2026: कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनी सड़क धंसने के मामले में राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर हुई राज्य स्तरीय जांच के बाद निर्माण कार्य की निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में लापरवाही पाए जाने पर दो इंजीनियरों को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने और कार्यपालन अभियंता के निलंबन का प्रस्ताव शासन को भेजने का फैसला भी लिया गया है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह ने गुरुवार को खारिया से अगरी तक प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत निर्मित सड़क का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क की गुणवत्ता की जांच के लिए कोर कटिंग कराई गई और विभिन्न तकनीकी मानकों पर परीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि सड़क की मुख्य संरचना निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप थी, लेकिन सड़क की क्षमता से कई गुना अधिक वजन वाले वाहनों के आवागमन और शोल्डर निर्माण में तकनीकी खामियों के कारण सड़क क्षतिग्रस्त हुई। अधिकारियों के मुताबिक जिस सड़क पर 10 से 12 टन क्षमता वाले वाहनों का संचालन होना था, वहां 60 से 70 टन तक रेत लेकर चलने वाले भारी वाहनों की आवाजाही हो रही थी।
तकनीकी जांच में शोल्डर का कॉम्पैक्शन भी निर्धारित मानकों से कम पाया गया। इसके अलावा पुलिया के एप्रोच पर बैकफिलिंग में भी खामियां मिलीं, जिससे बारिश का पानी सड़क की निचली परत तक पहुंच गया और सड़क कमजोर होकर धंस गई। मामले में सहायक अभियंता सौरभ देशमुख और उप अभियंता जे. रितेश नायडू को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं कार्यपालन अभियंता संतोष कुमार ठाकुर के निलंबन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। सरकार ने संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के भी निर्देश दिए हैं।
सचिव भीम सिंह ने अधिकारियों को क्षतिग्रस्त हिस्से को पूरी तरह हटाकर दोबारा गुणवत्ता के साथ निर्माण कराने और पूरे मार्ग के शोल्डर को तकनीकी मानकों के अनुरूप दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस सड़क पर ओवरलोड वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के लिए परिवहन, पुलिस और राजस्व विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता या निगरानी में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

