रायपुर 9 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जांच को आगे बढ़ाते हुए रायपुर की विशेष अदालत में 25 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। विशेष अदालत ने आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए मामले के आठ प्रमुख आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट से पहले ही जमानत प्राप्त कर चुके 17 आरोपियों को फिलहाल राहत मिली है और उनकी गिरफ्तारी नहीं होगी।
सीबीआई की ओर से दायर चार्जशीट में रितेश यादव, राहुल वक्ते, सतीश चंद्राकर, चंद्रभूषण वर्मा, सुनील दम्मानी, भीम यादव, अमित अग्रवाल, अर्जुन यादव, नीतीश दीवान, किशन लाल शर्मा, सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, शुभम सोनी, अनिल उर्फ अतुल अग्रवाल, सहदेव सिंह यादव, भारत ज्योति, विश्वजीत राय, अतुल सिंह, असीम दास, विकास चपड़िया, रोहित गुलाटी, विकास आहूजा, धीरज आहूजा और अनिल दम्मानी सहित कुल 25 लोगों को आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट दाखिल करने के साथ ही सीबीआई ने अदालत से आठ आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने की मांग की, जिसे विशेष अदालत ने स्वीकार कर लिया।
जिन आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है उनमें सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, शुभम सोनी, अनिल उर्फ अतुल अग्रवाल, विकास चपड़िया, रोहित गुलाटी, विकास आहूजा और धीरज आहूजा शामिल हैं। मामले में बचाव पक्ष के अधिवक्ता शशांक मिश्रा के अनुसार, जब इस प्रकरण की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) कर रही थी, तब 17 आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी थी। बाद में जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बावजूद उनकी जमानत स्वतः समाप्त नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट ने जमानत सुनवाई के दौरान सीबीआई को भी पक्षकार बनाया था, इसलिए ये आरोपी अपनी पूर्व जमानत का लाभ लेते रहेंगे और फिलहाल उनकी गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। वहीं, आरोपी असीम दास की स्थिति अन्य आरोपियों से अलग है। सीबीआई ने उन्हें चार्जशीट में आरोपी तो बनाया है, लेकिन गिरफ्तार नहीं किया है।
ऐसे में उन्हें नई जमानत लेने की आवश्यकता नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार वे निर्धारित तिथियों पर विशेष अदालत में उपस्थित होकर मुचलके पर रिहा होते रहेंगे। गौरतलब है कि असीम दास वही कारोबारी हैं, जिनकी कार से विधानसभा चुनाव से पहले कथित तौर पर करोड़ों रुपये नकद बरामद होने का दावा जांच एजेंसियों ने किया था। यह घटना महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के सबसे चर्चित घटनाक्रमों में से एक रही है। सीबीआई की चार्जशीट और अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के बाद महादेव सट्टा ऐप मामले की कानूनी कार्रवाई अब एक नए चरण में पहुंच गई है। आने वाले दिनों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और न्यायालय में आगे की सुनवाई पर सभी की नजर रहेगी।

