रायपुर 3 जुलाई 2026। रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। खास बात यह है कि राज्य सरकार की कार्रवाई पर सवाल विपक्ष के साथ ही सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी उठाए हैं। उन्होंने नकटी गांव में हुई बेदखली और तोड़फोड़ की कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
नई दिल्ली से रायपुर लौटने के बाद एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि….रात के अंधेरे में बरसात के मौसम में गरीबों का आशियाना तोड़ना किसी भी हाल में उचित नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा….जो भी लोग रात के अंधेरे में गरीबों के आशियाने में बरसात के बीच तोड़फोड़ करने पहुंचे, वे माफी के लायक नहीं हैं। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।’ सांसद ने यह भी कहा कि नकटी गांव का मामला नया नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों से वे इस समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि….‘मैं नकटी के लोगों के साथ पहले भी था, आज भी हूं और आगे भी रहूंगा।‘
जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि वर्ष 2025 में भी उन्होंने सरकार को पत्र लिखकर ऐसी कार्रवाई को अनुचित बताया था और क्या आज भी वे उसी रुख पर कायम हैं, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ‘मैं आज भी उसी स्टैंड पर हूं। मुझे राजनीतिक जवाब देने की आवश्यकता नहीं है। नकटी गांव का मामला बेहद संवेदनशील है और इस पर राजनीति करने के बजाय लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए।‘
बृजमोहन अग्रवाल के इस बयान को इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में भाजपा सरकार की इस कार्रवाई को उनकी ही पार्टी के सीनियर लीडर की सार्वजनिक असहमति के रूप में देखा जा रहा है। बृजमोहन अग्रवाल के बयान ने इस पूरे मामले को राजनीतिक रूप से और अधिक चर्चा में ला दिया है।
PCC चीफ दीपक बैज ने किया पलटवार
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के इस बयान केे बाद विपक्षी पार्टी कांग्रेेस एक बार फिर हमलावर होे गयी है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बृजमोहन अग्रवाल के बयान पर पलटवार करते हुए एक्स पर लिखा….“बृजमोहन जी सरकार आपकी….मंत्री आपके……अधिकारी आपके…..अब कार्रवाई भी खुद पर ही करेंगे या फिर एक जांच समिति बनाकर मामला ठंडा कर देंगे…? क्या यह नहीं दिखाता कि आपकी बात आपकी ही सरकार में अनसुनी हो रही है…?”

