रायपुर 2 जुलाई 2026। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा रायगढ़ जिले के लैलूंगा मंडल अध्यक्ष को भेजा है, जिसकी प्रतिलिपि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष को भी प्रेषित की गई है। अपने इस्तीफे में रवि भगत ने निजी कारणों को वजह बताया है। हालांकि उनके इस्तीफे के बाद प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
गौरतलब हैै कि भाजयुमों के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत पिछले कुछ समय से डीएमएफ फंड के उपयोग को लेकर लगातार सवाल उठा रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों से डीएमएफ फंड में कथित अनियमितताओं और खर्च के तरीके पर सवाल खड़े किए थे। उनके इन बयानों को लेकर पार्टी के भीतर भी असहजता की चर्चा रही। यही नहीं 26 जुलाई 2025 को भाजपा प्रदेश संगठन ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था।
नोटिस में उन पर सोशल मीडिया के माध्यम से पार्टी की रीति-नीति और संगठनात्मक अनुशासन के खिलाफ टिप्पणी करने का गंभीर आरोप लगाया गया था। प्रदेश महामंत्री और मुख्यालय प्रभारी जगदीश रोहरा ने तीन दिन के भीतर जवाब मांगा था और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। इस पूरे घटनाक्रम के बीच रवि भगत का पार्टी की प्राथमिक सदस्या से इस्तीफा देने के घटनाक्रम नई राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है। पक्ष के साथ ही विपक्ष के नेता इस इस्तीफेे को लेकर अपने-अपने स्तर पर चर्चाएं कर रहे है।
सिर्फ निजी कारण या अंदरूनी नाराजगी ?
हालांकि रवि भगत ने इस्तीफे में किसी विवाद का उल्लेख नहीं किया है, लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनके हालिया बयानों, डीएमएफ फंड को लेकर उठाए गए सवालों और पहले मिले कारण बताओ नोटिस को इस फैसले से अलग करके नहीं देखा जा सकता। इस्तीफे के बाद मीडिया द्वारा रवि भगत से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
खैर रवि भगत ने इस्तीफे की वजह ‘निजी कारण‘ लिखा है, लेकिन जिस तरह से डीएमएफ फंड, संगठनात्मक अनुशासन और कारण बताओ नोटिस का घटनाक्रम पहले से जुड़ा रहा है। उससे रवि भगत के इस फैसले ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नए सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि रवि भगत आगे अपनी राजनीतिक भूमिका को लेकर क्या फैसला लेते हैं और भाजपा इस घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाती है। ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।

