कोरबा 30 जून 2028। एक वक्त था, जब पुलिस का नाम सुनते ही बड़े-बड़े अपराधियों की हवा टाइट हो जाती थी। अगर किसी नशेड़ी का पुलिस से सामना हो जाए तो उसका नशा भी पलभर में उतर जाया करता था। लेकिन कोरबा जिले में तस्वीर कुछ और ही नजर आने लगी है। यहां हालात ऐसे हो गए हैं कि नशे का खुमार सड़क से निकलकर सीधे थाने तक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि यहां नशे में धुत एक युवक कोतवाली थाने में घुसकर न सिर्फ पुलिसकर्मियों से अभद्रता की, बल्कि सरकारी दस्तावेजों से फेकने और फाड़ने की कोशिश करते हुए जमकर बवाल काटा।
जानकारी के मुताबिक ये पूरा घटनाक्रम कोतवाली थाना का है। बतााया जा रहा है कि सोमवार 29 जुलाई की दोपहर कोतवाली थाना परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शराब के नशे में धुत एक युवक सीधे थाने में घुस आया। थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक दोपहर करीब 3 बजे सहायक उपनिरीक्षक कुंवर साय ड्यूटी पर मौजूद थे। इसी दौरान एक युवक नशे में धुत्त होकर थाना पहुंचा। पुलिस कर्मी कुछ समझ पाते इसी बीच आरोपी बिना किसी कारण पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी देने लगा। नशे में चूर युवक यहीं नहीं रुका। उसने थाने में रखे सरकारी दस्तावेज उठाकर फेंक दिए।
ड्यूटी पर मौजूद महिला आरक्षक सुनीता कश्यप और मोहर्रिर सुनीता डहरिया के साथ भी अभद्रता कर रोजनामचा फाड़ने की कोशिश की और टेबल का कांच तोड़ दिया। बताया जा रह है कि इस पूरेे घटनाक्रम के बाद आरोपी को जब एहसास हुआ कि उसने यह बवाल किसी गली-मोहल्ले में नहीं, बल्कि थाने के भीतर कर दिया है। इसके बाद वह खुद ही अपना सिर और चेहरा दीवार पर पटकने लगा। फिर क्या था कुछ देर पहले तक जिस युवक को पुलिसकर्मी काबू करने की कोशिश कर रहे थे, अब वही पुलिस उसे खुद को चोट पहुंचाने से रोकने में जुट गई।
बावजूद इसके आरोपी का हंगामा जारी रहा और थाने में मौजूद फरियादियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। थाना प्रभारी के मौके पर पहुंचने के बाद आरोपी को काबू कर गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी की पहचान सीतामणी निवासी राजेश चौहान के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम में कोरबा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल जरूर भेज दिया है, लेकिन यह घटना प्रशासन के सामने एक बड़ा सवाल छोड़ गई है कि….. क्या जिले में नशे का नेटवर्क इतना मजबूत हो चुका है कि अब नशेड़ियों को थाने का भी डर नहीं रहा ?

