रायपुर 27 जून 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की फॉरेंसिक जांच व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसला लिया है। गृह (पुलिस) विभाग ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी अंकित कुमार गर्ग को राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) के संचालक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इसके साथ ही सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक एस.सी. द्विवेदी को इस अतिरिक्त दायित्व से मुक्त कर दिया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
सरकारी आदेश के मुताबिक, अंकित कुमार गर्ग फिलहाल पुलिस मुख्यालय, रायपुर में अपनी वर्तमान जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहेंगे। इसके साथ ही वे राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के संचालक का अतिरिक्त कार्यभार भी संभालेंगे। राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला प्रदेश में अपराधों की वैज्ञानिक जांच का प्रमुख केंद्र है। हत्या, साइबर अपराध, आर्थिक अपराध, डीएनए विश्लेषण, फिंगरप्रिंट, नार्कोटिक्स, विस्फोटक और अन्य गंभीर मामलों की फॉरेंसिक जांच यहीं की जाती है।
ऐसे में इस संस्थान के नेतृत्व में बदलाव को जांच व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराध, संगठित अपराध और तकनीकी जांच वाले मामलों के बीच फॉरेंसिक रिपोर्ट की भूमिका लगातार बढ़ी है। ऐसे मामलों में समय पर और वैज्ञानिक जांच न्यायिक प्रक्रिया को गति देने के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाती है। सरकार के इस फैसले से उम्मीद जताई जा रही है कि प्रयोगशाला के कामकाज में और तेजी आएगी, लंबित जांच रिपोर्टों के निष्पादन में सुधार होगा तथा आधुनिक वैज्ञानिक जांच प्रणाली को और प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।


