सुकमा 26 जून 2026। छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र से पहले छात्रावासों और आश्रमों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। सुकमा जिले में औचक निरीक्षण के दौरान अव्यवस्था और लापरवाही सामने आने पर चार छात्रावास अधीक्षकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की शिक्षा, सुरक्षा और सुविधाओं से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
जानकारी केे मुताबिक सुकमा कलेक्टर और सहायक आयुक्त ने जिले के विभिन्न छात्रावासों एवं आश्रमों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में साफ-सफाई की खराब व्यवस्था, अधिकारियों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति तथा संचालन में गंभीर लापरवाही पाई गई। बताया गया कि इन कमियों को दूर करने के निर्देश पहले भी दिए गए थे, लेकिन सुधार नहीं होने पर प्रशासन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई का फैसला लिया।
कार्रवाई के तहत कन्या आश्रम दुब्बाटोटा की अधीक्षिका सुशीला कवासी, प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास दुब्बाटोटा के अधीक्षक पुनेम हिरमा, पोस्ट-मैट्रिक कन्या छात्रावास की अधीक्षिका सविता यादव और प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के अधीक्षक भोजराज ठाकुर को उनके प्रभार से हटा दिया गया। प्रशासन ने छात्रावासों का संचालन प्रभावित न हो, इसके लिए तत्काल वैकल्पिक अधिकारियों की भी नियुक्ति कर दी है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि छात्रावासों और आश्रमों में रहने वाले बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा, भोजन, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी संस्थानों में शासन के मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।जिला प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई केवल अनुशासनात्मक कदम नहीं, बल्कि छात्रावासों में जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया का हिस्सा है।
प्रशासन का मानना है कि इससे व्यवस्थाओं में सुधार आएगा और विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा। राज्य सरकार भी शासकीय छात्रावासों और आश्रमों की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार निगरानी रखने की बात कह रही है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले सुकमा में हुई यह कार्रवाई इस बात का संकेत मानी जा रही है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

