जांजगीर, 22 जून 2026। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में एक वायरल वीडियो ने शिक्षा विभाग में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे इस कथित वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें नवागढ़ विकासखंड में पदस्थ एक शिक्षक और शिक्षिका दिखाई दे रहे हैं। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर अभी तक वीडियो की सत्यता और संबंधित व्यक्तियों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सोमवार सुबह से वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने लगा। देखते ही देखते यह वीडियो अभिभावकों, शिक्षकों और ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गया। वीडियो को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। कुछ अभिभावकों ने कहा कि शिक्षक समाज में आदर्श की भूमिका निभाते हैं।
यदि वायरल वीडियो से जुड़े आरोप सही साबित होते हैं, तो यह गंभीर मामला होगा। वहीं कई लोगों ने वीडियो की प्रामाणिकता की जांच के बाद ही किसी प्रकार की कार्रवाई या टिप्पणी करने की बात कही है। विवाद बढ़ने के बाद शिक्षा विभाग भी हरकत में आ गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि वीडियो कब और कहां का है तथा उसमें दिखाई दे रहे लोग वास्तव में वही हैं या नहीं, जिनके बारे में सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल जांच प्रारंभिक चरण में है। वीडियो का तकनीकी परीक्षण कराने के साथ-साथ तथ्यात्मक जानकारी भी जुटाई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही विभाग आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा। शिक्षा विभाग का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं और सेवा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट जानकारियों पर भरोसा न करें और जांच पूरी होने तक आधिकारिक जानकारी का इंतजार करें।

