लखनऊ, 22 जून 2026। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। हादसे में अब तक 15 छात्रों की मौत की सूचना है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। आग इतनी तेजी से फैली कि ऊपरी मंजिलों पर मौजूद छात्र और कर्मचारी बाहर निकलने का मौका तक नहीं पा सके। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धुएं और आग की लपटों से घिरने के बाद कई छात्रों ने जान बचाने के लिए इमारत की खिड़कियों और बालकनियों का सहारा लिया। कुछ छात्र ऊपरी मंजिल से नीचे कूदते हुए भी दिखाई दिए।
घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें अफरा-तफरी और बचाव के लिए लोगों की कोशिशें साफ नजर आ रही हैं। हादसे की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 14 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। आग पर काबू पाने में दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को भी बुलाया गया। फंसे हुए लोगों तक पहुंचने के लिए बचाव दल ने इमारत के पिछले हिस्से को तोड़कर अंदर प्रवेश किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए बड़ी संख्या में एंबुलेंस मौके पर तैनात की गईं।
घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन की ओर से अभी तक हताहतों की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, हालांकि स्थानीय स्तर पर कई लोगों के घायल होने और जनहानि की आशंका जताई जा रही है। इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही छोड़ दिया और तत्काल लखनऊ पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। इसके बाद मुख्यमंत्री अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उनके साथ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की जताई जा रही है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और किसी भी तरह की अफवाहों से बचें। वहीं, इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर बहुमंजिला शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन निकास व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

