रायपुर, 22 जून 2026। छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार प्रदेश में दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने दंतेवाड़ा जिले से मानसून के प्रवेश की आधिकारिक पुष्टि की है। मानसून के सक्रिय होते ही प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है और लोगों को भीषण गर्मी एवं उमस से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून ने बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले से छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया है। इसके प्रभाव से दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में बादल छाने लगे हैं और वर्षा के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मानसून तेजी से आगे बढ़ते हुए प्रदेश के अन्य हिस्सों को भी कवर करेगा। पिछले कई दिनों से प्रदेश के अधिकांश जिलों में तेज धूप, गर्म हवाओं और उमस भरे मौसम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी।
मानसून की एंट्री के बाद तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जिससे आम जनजीवन को राहत मिलेगी। खासकर शहरी क्षेत्रों में लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।मौसम विभाग ने बस्तर, सरगुजा, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर समेत आसपास के जिलों में अगले दो दिनों के दौरान वर्षा गतिविधियों में वृद्धि की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश होने के भी संकेत मिले हैं। विभाग ने नागरिकों को मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
मानसून का आगमन प्रदेश के किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत लेकर आया है। धान उत्पादन के लिए देशभर में पहचान रखने वाले छत्तीसगढ़ में खरीफ फसलों की तैयारी बारिश पर निर्भर रहती है। समय पर मानसून पहुंचने से खेतों की तैयारी, बुवाई और कृषि कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। किसानों को लंबे समय से बारिश का इंतजार था, जो अब पूरा होता नजर आ रहा है।
मानसून की प्रगति पर मौसम विभाग की नजर
मौसम विभाग लगातार मानसून की गतिविधियों और उसकी प्रगति पर नजर बनाए हुए है। विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दायरा बढ़ेगा, जिससे जल स्रोतों में सुधार और कृषि कार्यों को लाभ मिलेगा। दक्षिण-पश्चिम मानसून की इस दस्तक ने न केवल किसानों बल्कि आम लोगों के चेहरे पर भी राहत की मुस्कान ला दी है। अब सभी की निगाहें अच्छी और नियमित बारिश पर टिकी हैं, जो प्रदेश की कृषि और अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

