नई दिल्ली 13 अक्टूबर 2026। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के विरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। शाह ने कांग्रेस की चुनावी हार का हवाला देते हुए विपक्ष से आत्ममंथन करने को कहा। उन्होंने दावा किया कि चुनावी हार के लिए SIR को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है, क्योंकि कांग्रेस को लंबे समय से कई राज्यों में चुनावी पराजय का सामना करना पड़ रहा है। अमित शाह ने गांधीनगर नगर निकाय चुनाव में बीजेपी की जीत का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के वोट प्रतिशत में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि गुजरात में पार्टी को लंबे समय से चुनावी सफलता नहीं मिली है। शाह ने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या कांग्रेस की लगातार हार भी SIR का ही परिणाम है?
#WATCH दिल्ली: गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “आज गुजरात में 3 म्युनिसिपल पार्टी और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के चुनाव हुए हैं। 2 म्युनिसिपल पार्टी और 1 म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में कुल 104 में से 90 सीटों पर भाजपा ने प्रचंड विजय प्राप्त की है। गांधीनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में भाजपा ने 44 में से 38 सीटों पर विजय प्राप्त की हैं। AAP ने 32 सीटों पर चुनाव लड़ा और 32 सीटों पर ही जमानत ज़प्त कराई है। गुजरात के मतदाता प्रधानमंत्री मोदी के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं… मैं कहना चाहता हूं कि 41 सालों के बाद आज भी यहां कांग्रेस एक भी चुनाव नहीं जीती है… मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि क्या यह SIR का परिणाम है? आप प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता को SIR के नाम से झुटलाते हैं… यह इनके लिए आत्मनिरीक्षण का समय है। देश में 3 राज्यों(पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और तमिलनाडु) में उपचुनाव हुआ है और वहां कांग्रेस को एक भी सीट प्राप्त नहीं हुई है… राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की प्रचंड जीत हुई है… यह चुनाव राहुल गांधी के लिए सबक है…”
उन्होंने आगे कहा, “त्रिपुरा में ग्राम समिति के चुनाव हुए थे। 4,600 सीटों में से 3,248 सीट और 900 सीट, कुल मिलाकर 77.5% मत हिस्सेदारी के साथ NDA 4000 से ज्याजा सीटों पर जीत दर्ज करने में कायम हुआ है। जो लोग बैलट की मशीन का हवाला देते हैं, मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि ये चुनाव बैलट पेपर से हुए हैं। ‘बैलट की मशीन भाजपा को चुनाव जिताती है’ तो यह चुनाव इस तर्क को खारिज करता है…”
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 13, 2026
गुजरात के गांधीनगर नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने 44 में से 38 सीटें जीतकर अपना कब्जा बरकरार रखा। कांग्रेस को पांच सीटें मिलीं, जबकि एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। आम आदमी पार्टी इस बार अपना खाता नहीं खोल सकी। पिछले चुनाव में बीजेपी को 41 सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस को दो और AAP को एक सीट मिली थी। अमित शाह ने इस जीत को बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के प्रति जनता के समर्थन के तौर पर पेश किया। उन्होंने दावा किया कि गांधीनगर में बीजेपी के वोट प्रतिशत में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। शाह ने कहा कि कांग्रेस को अपनी चुनावी रणनीति और लगातार मिल रही हार के कारणों पर विचार करना चाहिए।
‘SIR 2024 के बाद शुरू हुआ, फिर पहले की हार का जिम्मेदार कौन?’
अमित शाह ने विपक्ष के SIR विरोध पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 2024 के बाद शुरू हुई, तो कांग्रेस की उससे पहले की चुनावी हार के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा ? उन्होंने गुजरात में कांग्रेस के लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी को अपनी राजनीतिक कमजोरियों का आकलन करना चाहिए। शाह ने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के चुनावी नतीजों का भी हवाला दिया और दावा किया कि कांग्रेस को इन चुनावों में कोई सीट नहीं मिली। शाह ने असम और पश्चिम बंगाल में बीजेपी के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी को कई सीटों पर बड़ी जीत मिली है। उन्होंने त्रिपुरा में भी कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन का हवाला दिया और आरोप लगाया कि विपक्ष चुनावी हार का ठीकरा चुनाव आयोग और SIR पर फोड़ रहा है।
गृह मंत्री ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल विरोध प्रदर्शन करने या भीड़ जुटाने से देश की जनता का विश्वास हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को आत्ममंथन करने की सलाह दी और दावा किया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में भी विपक्ष को बड़ी हार का सामना करना पड़ेगा। शाह के इस बयान को आगामी लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी और कांग्रेस के बीच तेज होती राजनीतिक बयानबाजी के रूप में देखा जा रहा है। बीजेपी चुनावी नतीजों को अपने पक्ष में जनसमर्थन का प्रमाण बता रही है, जबकि विपक्ष SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है।
SIR पर सियासी टकराव क्यों बढ़ा
मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा अहम मुद्दा बन गया है। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताते हुए प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी और विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। वहीं, अमित शाह ने विपक्ष के आरोपों को कांग्रेस की चुनावी हार से ध्यान हटाने की कोशिश बताया है।
राजनीतिक मायने: गांधीनगर में बीजेपी की जीत ने SIR को लेकर जारी विवाद को और राजनीतिक धार दे दी है। बीजेपी इन नतीजों के जरिए विपक्ष के आरोपों को चुनौती दे रही है, जबकि कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता का मुद्दा उठा रही है। अब इस टकराव का असर आने वाले चुनावों में राजनीतिक विमर्श पर कितना पड़ता है, यह देखना अहम होगा।


