गरियाबंद 15 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में वन विभाग के एक रेंजर की कथित दबंगई का मामला सामने आया है। आरोप है कि साइड नहीं मिलने से नाराज रेंजर ने अपनी कार बीच सड़क पर बस के ठीक सामने लगाकर यात्रियों से भरी बस को रोक दिया। और फिर ड्राइवर के साथ गाली-गलौज की और करीब आधे घंटे तक बस को आगे नहीं बढ़ने दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस से भी रेंजर बहस करता रहा। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब वन विभाग ने रेंजर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
जानकारी के मुताबिक घटना गरियाबंद जिले के इंदागांव परिक्षेत्र की है। यहां पदस्थ रेंजर सुशील सागर शनिवार रात इंदागांव से धुरुवागुड़ी की ओर अपनी कार से जा रहे थे। इसी दौरान रायपुर से देवभोग जा रही शारदा ट्रेवल्स की यात्री बस कालिमाटी के पास पहुंची। आरोप है कि रेंजर ने बस चालक पर साइड नहीं देने का आरोप लगाते हुए अपनी कार बस के सामने खड़ी कर दी और बीच सड़क में ही बस को रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रेंजर ने बस चालक यशवंत बंजारे से गाली-गलौज शुरू कर दी।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान रेंजर के साथ मौजूद अन्य लोग भी चालक से बहस करते रहे। आरोप है कि करीब आधे घंटे तक बस सड़क पर खड़ी रही, जिससे बस में सवार यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की। लेकिन रेंजर पुलिसकर्मियों से भी उलझ गया। जब पुलिस उसे थाने ले जाने का प्रयास करने लगी, तो उसने कथित तौर पर कहा, “मुझे गिरफ्तार करना है तो पहले शासन से लेटर लेकर आइए, यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद लोगों ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया।
जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उधर रेंजर की इस दबंगई के बाद अब बस चालक यशवंत बंजारे ने पुलिस में शिकायत दर्ज करायी है। उसने अपनी शिकायत में बताया कि अभ्यारण्य क्षेत्र का हाईवे सिंगल लेन है और लगातार बारिश के कारण सड़क भी क्षतिग्रस्त है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए केवल सुरक्षित और चौड़ी जगह पर ही साइड देना संभव था।उसने बताया कि किसी भी यात्री की जान जोखिम में डालना उचित नहीं था, इसलिए सुरक्षित स्थान मिलने तक पीछे से आ रही कार को साइड नहीं दिया जा सका। जिसे लेकर रेंजर द्वारा बीच सड़क पर बस खड़ी करवाकर बवाल काटा गया।
वन विभाग ने मांगा जवाब
वीडियो वायरल होने और विवाद बढ़ने के बाद वन विभाग के अधिकारी वरुण जैन ने रेंजर सुशील सागर को नोटिस जारी कर पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। विभागीय स्तर पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। गरियाबंद में घटित इस घटना ने एक बार फिर वन विभाग के अधिकारियों की मनमानी और दबंगई को सामने ला दिया है। यह मामला केवल सड़क पर हुए विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि एक सरकारी अधिकारी के आचरण और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
यदि आरोप सही हैं कि एक रेंजर ने निजी विवाद में यात्रियों से भरी बस को बीच सड़क में रोककर हंगामा किया और पुलिस के साथ भी विवाद किया, तो यह सरकारी पद की गरिमा और कानून के समान अनुपालन पर प्रश्नचिह्न लगाता है। अब सभी की नजर विभागीय जांच और पुलिस की कार्रवाई पर है। यह देखना होगा कि वायरल वीडियो और शिकायतों के आधार पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है, ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।

