चंडीगढ़ 1 नवंबर 2026। पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी की ओर से 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने के अगले ही दिन दो विधायकों ने इस्तीफा दे दिया। समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया है। इस घटनाक्रम को टिकट चयन से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि दोनों नेताओं के नाम पहली सूची में शामिल नहीं हैं।
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी ने शनिवार को 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। इसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत 40 मौजूदा विधायकों को दोबारा उम्मीदवार बनाया गया है। हालांकि, समाना और सनौर के विधायकों के नाम इस सूची में नहीं हैं। चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफे की जानकारी दी, लेकिन अपने फैसले की वजह स्पष्ट नहीं की। वहीं हरमीत सिंह पठानमाजरा ने भी इस्तीफे की पुष्टि की है। पहली सूची में नाम नहीं होने के बाद दोनों के फैसले को टिकट की दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, AAP की उम्मीदवारों की अगली सूची आना बाकी है, इसलिए इसे अंतिम टिकट कटने का फैसला मानना जल्दबाजी होगी। दो विधायकों के इस्तीफे पर AAP पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि दोनों नेताओं की गतिविधियों के कारण पार्टी पहले ही उनसे दूरी बना चुकी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब दोनों भाजपा में शामिल हो सकते हैं। पन्नू ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में पार्टी को उम्मीदवार नहीं मिल रहे और वह दूसरी पार्टियों से निकाले गए नेताओं को अपने साथ जोड़ रही है।
अमन अरोड़ा ने भी साधा निशाना
AAP पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने भी इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने हमेशा पंजाब के हितों को प्राथमिकता दी है। उनके मुताबिक, पार्टी में किसी नेता के भ्रष्टाचार या पंजाब के हितों के खिलाफ काम करने पर कार्रवाई की गई है। अरोड़ा ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह दूसरी पार्टियों से निष्कासित नेताओं को अपने साथ जोड़ रही है। उन्होंने हरमीत सिंह पठानमाजरा से जुड़े गंभीर आरोपों का जिक्र करते हुए भाजपा पर सवाल उठाए। ये आरोप और राजनीतिक टिप्पणियां AAP नेताओं की ओर से की गई हैं।
2027 के चुनाव से पहले AAP के सामने नई चुनौती
पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 की शुरुआत में होने हैं। ऐसे में उम्मीदवारों की पहली सूची के बाद दो विधायकों का इस्तीफा पार्टी के लिए राजनीतिक चुनौती बन सकता है। एक तरफ AAP समय से पहले उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुनावी तैयारी शुरू कर चुकी है, वहीं दूसरी तरफ टिकट चयन को लेकर असंतोष की चर्चा सामने आई है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि दोनों विधायक आगे किस राजनीतिक दल का रुख करते हैं और AAP की अगली सूची में किन नेताओं को जगह मिलती है। फिलहाल भाजपा में शामिल होने की चर्चा है, लेकिन दोनों के भाजपा में जाने की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।


