Health tips: आंखों की रोशनी कम होने पर अक्सर इसकी वजह बढ़ती उम्र, मोबाइल-लैपटॉप का अधिक इस्तेमाल या लगातार स्क्रीन पर काम करना माना जाता है। लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक, कई मामलों में इसके पीछे शरीर में विटामिन A की कमी भी एक अहम कारण हो सकती है। खासकर अगर शाम या रात के समय धुंधला दिखाई देने लगे, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि विटामिन A आंखों की सामान्य कार्यप्रणाली के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। इसकी कमी का असर सबसे पहले कम रोशनी में देखने की क्षमता पर पड़ता है और समय पर ध्यान नहीं देने पर आंखों की गंभीर समस्याएं भी विकसित हो सकती हैं।
आंखों की रोशनी में विटामिन A की क्या है भूमिका ?
विटामिन A आंखों के रेटिना को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रेटिना में मौजूद रॉड सेल्स कम रोशनी में देखने में मदद करती हैं। इन कोशिकाओं में रोडॉप्सिन नामक एक विशेष पदार्थ बनता है, जिसके निर्माण के लिए विटामिन A आवश्यक होता है।जब शरीर में विटामिन A की कमी हो जाती है, तो रोडॉप्सिन का निर्माण प्रभावित होने लगता है। इसका सीधा असर रात या कम रोशनी में देखने की क्षमता पर पड़ता है और व्यक्ति को धुंधलापन महसूस होने लगता है।
विटामिन A की कमी के शुरुआती संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार, विटामिन A की कमी होने पर शरीर कई संकेत देता है, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इनमें शामिल हैं—
- शाम या रात में साफ दिखाई न देना (नाइट ब्लाइंडनेस)
- आंखों में लगातार सूखापन महसूस होना
- आंखों में जलन या चुभन
- आंखों में बार-बार संक्रमण होना
- लंबे समय तक कमी रहने पर कॉर्निया को नुकसान पहुंचने का खतरा
किन चीजों से पूरी होगी विटामिन A की जरूरत
संतुलित आहार से अधिकांश लोगों में विटामिन A की जरूरत आसानी से पूरी हो सकती है। इसके लिए भोजन में शामिल करें—
- गाजर
- शकरकंद
- पालक और मेथी जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां
- कद्दू
- अंडा
- दूध और अन्य डेयरी उत्पाद
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बिना डॉक्टर की सलाह के विटामिन A सप्लीमेंट का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसकी अधिक मात्रा भी शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि आंखों की रोशनी कम होने का कारण हमेशा विटामिन A की कमी नहीं होता। कई बार मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, डायबिटीज, रेटिना की बीमारियां या बढ़ती उम्र भी इसकी वजह हो सकती हैं।
ऐसे में यदि अचानक धुंधला दिखने लगे, रात में देखने में परेशानी हो या आंखों से जुड़ी कोई नई समस्या महसूस हो, तो स्वयं दवा लेने के बजाय नेत्र रोग विशेषज्ञ से जांच कराना सबसे सुरक्षित और सही विकल्प है। आंखों की सेहत को लंबे समय तक बेहतर बनाए रखने के लिए केवल स्क्रीन टाइम कम करना ही पर्याप्त नहीं है। संतुलित आहार, पर्याप्त विटामिन A और समय-समय पर आंखों की जांच भी उतनी ही जरूरी है। शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को समय रहते पहचानकर गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

