Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी का पावन पर्व आज यानी 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाया जा रहा है। इस दिन घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। पंचांग के अनुसार इस बार चतुर्थी तिथि 14 सितंबर को सुबह 7:06 बजे शुरू होकर 15 सितंबर को सुबह 7:44 बजे तक रहेगी। पंचांग के अनुसार भगवान गणेश की स्थापना और पूजा के लिए मध्याह्न मुहूर्त सुबह 10:59 बजे से दोपहर 1:27 बजे तक रहेगा। यानी भक्तों के पास गणपति स्थापना और विशेष पूजा के लिए करीब 2 घंटे 28 मिनट का शुभ समय रहेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था, इसलिए गणेश चतुर्थी पर मध्याह्न काल में गणपति स्थापना और पूजा करना विशेष शुभ माना जाता है। इसी दौरान भक्त भगवान गणेश की षोडशोपचार पूजा भी कर सकते हैं।
ऐसे करें गणपति बप्पा की स्थापना
सबसे पहले पूजा स्थल की अच्छी तरह साफ-सफाई करें। इसके बाद चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। गणपति बप्पा को जल और पंचामृत से स्नान कराने के बाद वस्त्र, चंदन, रोली, अक्षत, फूल और दूर्वा अर्पित करें। इसके बाद भगवान को मोदक, लड्डू और फल का भोग लगाएं। धूप-दीप जलाकर गणेश मंत्रों का जाप करें और परिवार के साथ आरती करें। पूजा के दौरान “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप किया जा सकता है।
आज चांद देखने से बचें
गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन को लेकर भी धार्मिक मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा देखने से बचना चाहिए। रायपुर के लिए पंचांग के अनुसार सुबह 9:05 बजे से शाम 7:57 बजे तक चंद्र दर्शन वर्जित बताया गया है।
कब होगा गणपति विसर्जन ?
10 दिवसीय गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी, 25 सितंबर 2026 को होगा। इसी दिन मुख्य रूप से गणपति विसर्जन किया जाएगा। हालांकि कई भक्त अपनी परंपरा के अनुसार डेढ़, तीन, पांच, सात या अन्य निर्धारित दिनों में भी विसर्जन करते हैं। नोट: पूजा के मुहूर्त शहर के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। ऊपर दिया गया समय रायपुर के स्थानीय पंचांग के अनुसार है।


