सूरजपुर, 3 नवंबर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के कुबेरपुर में महिला की मौत के बाद हुए बवाल के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की है। सरगुजा संभाग के कमिश्नर नरेंद्र कुमार दुग्गा ने चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के प्रभारी तहसीलदार करमचंद जाटवर को निलंबित कर दिया है। आपको बता दे 17 अक्टूबर को सड़क हादसे में महिला की मौत के बाद ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया था। इस दौरान क्रशर प्लांट और ट्रैक्टर में आग लगा दी गई थी। घटना के बाद गांव पहुंचीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी।
जानकारी के मुताबिक, 17 अक्टूबर को कुबेरपुर गांव में स्कूटी सवार 28 वर्षीय चंद्रवती जायसवाल की ट्रैक्टर की टक्कर से मौत हो गई थी। हादसे से नाराज ग्रामीणों ने घंटों चक्काजाम किया। इसके बाद शाम को ट्रैक्टर और क्रशर प्लांट में आग लगा दी गई। हालात इतने बिगड़ गए कि ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को कई घंटों तक बंधक बनाए रखा। इस मामले में पुलिस ने 26 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। घटना के बाद मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े कुबेरपुर पहुंचीं और पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और एकतरफा कार्रवाई को लेकर पुलिस-प्रशासन को फटकार लगाई थी। मंत्री ने सवाल उठाया था कि जब दोपहर 12 बजे हादसा हुआ तो शाम 7 बजे तक प्रशासन क्या कर रहा था? उन्होंने मामले में जिम्मेदारी तय करने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। घटना के बाद सूरजपुर कलेक्टर ने मामले की जांच कराई। जांच प्रतिवेदन में प्रभारी तहसीलदार करमचंद जाटवर की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, हादसे के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की संवेदनशील स्थिति बन गई थी।
ऐसे समय में स्थानीय प्रशासन से तत्काल सक्रियता और प्रभावी भूमिका निभाने की अपेक्षा थी। लेकिन प्रभारी तहसीलदार ने परिस्थितियों को संभालने और अपने दायित्वों का निर्वहन करने में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई। इसे कर्तव्यों के प्रति गंभीर उदासीनता और घोर लापरवाही माना गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र कुमार दुग्गा ने प्रभारी तहसीलदार करमचंद जाटवर को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय पटवारी प्रशिक्षण शाला, अंबिकापुर, जिला सरगुजा निर्धारित किया गया है। कुबेरपुर की घटना में महिला की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन, आगजनी और प्रशासनिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने का मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंच गया है।



