बीजापुर 13 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के रुद्रारम स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय से बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। स्कूल के कंप्यूटर शिक्षक देवेंद्र दहिया पर बच्चों के साथ कथित अनुचित व्यवहार और ‘बैड टच’ के आरोप लगाए गए हैं। मामले में करीब सात बच्चों की ओर से शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। बच्चे अपने पालकों के साथ कलेक्टर और एसपी के पास उपस्थित होकर इस मामले की शिकायत की है। कलेक्टर ने इस मामले में एसडीएम को जांच का निर्देश दिया है।
जानकारी के मुताबिक ये पूरा मामला बीजापुर के रुद्रारम स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय से जुड़ा है। पीड़ित छात्राओं के पालकों की शिकायत के मुताबिक, बच्चों ने शिक्षक के व्यवहार को लेकर पहले भी बात करने की कोशिश की थी। आरोप है कि शिकायत करने की बात कहने पर उन्हें कथित तौर पर डराया-धमकाया जाता था। इसी वजह से बच्चे लंबे समय तक खुलकर सामने नहीं आ सके। बताया गया है कि बाद में बच्चों ने अपने माता-पिता को आपबीती बताई। इसके बाद पालकों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन तक शिकायत पहुंचाई। शिकायत पत्र में बच्चों और पालकों के हस्ताक्षर भी बताए जा रहे हैं।
मामले में स्कूल प्रबंधन की भूमिका को लेकर भी पालकों ने सवाल उठाए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बच्चों ने जब प्राचार्य को मामले की जानकारी दी, तब इसे गंभीरता से लेने के बजाय दबाने की कोशिश की गई। पालकों का आरोप है कि बच्चों को आश्रम से निकालने तक की बात कही गई थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। वहीं स्कूल प्राचार्य की ओर से बताया गया है कि शिकायत उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाई गई थी। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी शिक्षक 8 सितंबर से बिना सूचना के अनुपस्थित है और उसके खिलाफ निलंबन की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात सामने आई है।
आदिवासी विभाग के सहायक आयुक्त देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि एकलव्य विद्यालय के शिक्षक के खिलाफ ‘बैड टच’ से संबंधित शिकायत मिली है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच SDM स्तर पर कराई जा रही है और जांच के बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। यानी फिलहाल शिक्षक पर लगे आरोपों को जांच का विषय माना जा रहा है और दोष तय होना जांच व आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। बीजापुर की यह शिकायत ऐसे समय सामने आई है, जब छत्तीसगढ़ के अलग-अलग एकलव्य आवासीय विद्यालयों में व्यवस्थाओं और बच्चों की समस्याओं को लेकर विरोध के मामले लगातार चर्चा में रहे हैं।
सरगुजा में छात्राओं ने 20 किलोमीटर पैदल तय किया था
सरगुजा के एकलव्य विद्यालय की छात्राएं भी अपनी समस्याएं लेकर करीब 20 किलोमीटर पैदल कलेक्ट्रेट पहुंची थीं। छात्राओं ने बिजली, मेस में भोजन की व्यवस्था और शिक्षकों की कमी जैसी समस्याएं बताई थीं। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि बच्चों को अपनी समस्याएं बताने के लिए इस तरह पैदल चलना पड़े, यह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल समस्याओं का समाधान और एकलव्य विद्यालयों की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए थे।
सवाल सिर्फ शिक्षक पर नहीं, व्यवस्था पर भी
बीजापुर की घटना ने एकलव्य आवासीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा, शिकायत व्यवस्था और प्रबंधन की जवाबदेही को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। आवासीय स्कूलों में बच्चे लंबे समय तक परिवार से दूर रहते हैं। ऐसे में किसी भी शिकायत को समय रहते सुनना और उसकी निष्पक्ष जांच करना बेहद अहम हो जाता है। अब बीजापुर मामले में जांच रिपोर्ट का इंतजार है। जांच में आरोप सही पाए जाते हैं या नहीं और स्कूल प्रबंधन की भूमिका को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं, यह आगे की कार्रवाई से स्पष्ट होगा। प्रशासन की कार्रवाई पर अब बच्चों और उनके पालकों की नजर है।


