दुर्ग, 30 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ की राजनीति से एक दुखद खबर है। दुर्ग जिले की अहिवारा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन हो गया है। वे 78 वर्ष के थे। पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब थी और फेफड़ों की बीमारी के चलते हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। कोर्सेवाड़ा के निधन की खबर से अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के साथ दुर्ग-भिलाई और प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक का माहौल है। वे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे और लंबे समय तक शिक्षा तथा राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय रहे।
शिक्षक से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
12 अगस्त 1948 को जन्मे डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर और बीएड की पढ़ाई की थी। उन्होंने शिक्षा विभाग में व्याख्याता के रूप में सेवाएं दीं। वर्ष 1998 में सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वर्ष 1999 में वे दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के तत्कालीन सांसद के निजी सहायक भी रहे। भाजपा ने वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में उन्हें अहिवारा सीट से उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में जीत दर्ज कर वे पहली बार विधायक बने। वर्ष 2018 में पार्टी ने फिर टिकट दिया, लेकिन इस बार कांग्रेस के गुरु रुद्र कुमार ने उन्हें हरा दिया।
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर कोर्सेवाड़ा पर भरोसा जताया। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी निर्मल कोसरे को 25,263 वोटों से हराकर दूसरी बार विधानसभा में जगह बनाई। उन्हें 96,717 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 71,454 मत प्राप्त हुए थे। अपने पहले विधायक कार्यकाल के दौरान वर्ष 2010 में कोर्सेवाड़ा को छत्तीसगढ़ विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया था। इस पद पर उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी मिला था। उन्होंने विधानसभा में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के कल्याण से जुड़ी समितियों में भी जिम्मेदारी निभाई। दूसरी बार विधायक चुने जाने के बाद उन्हें विधानसभा की विभिन्न समितियों में शामिल किया गया। वे पुस्तकालय सम


