रायपुर 24 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ भाजपा को लंबे इंतजार के बाद नया प्रदेश प्रभारी मिला और इसके साथ ही प्रदेश की सियासत में पोस्टर वार ने दस्तक दे दी। स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाए जाने के तुरंत बाद कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर उन पर निशाना साधाए तो भाजपा ने भी कार्टून के जरिए जवाब दिया। यानी संगठन में नई नियुक्ति की स्याही सूखने से पहले ही दोनों दलों के बीच राजनीतिक संदेशों की जंग शुरू हो गई।
गौरतलब है कि भाजपा ने 23 सितंबर को देशभर के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रभारी और सह-प्रभारियों की घोषणा की। इसमें स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ और हरियाणा का प्रभारी, जबकि सिद्धार्थ शंभू को छत्तीसगढ़ का सह-प्रभारी बनाया गया है। यह फैसला भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन की नई संगठनात्मक टीम के तहत हुआ है। छत्तीसगढ़ में इस नियुक्ति की अहमियत इसलिए भी है क्योंकि अब प्रदेश संगठन के कामकाज में राष्ट्रीय स्तर का एक प्रमुख चेहरा सीधे तौर पर भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्मृति ईरानी की नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा है कि उनका अनुभव संगठन को मजबूत करने में मदद करेगा।
बधाई हो अंधभक्तो…
अब छत्तीसगढ़ में अब 500 में सिलेंडर मिलने लगेगा👇
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— INC Chhattisgarh (@INCChhattisgarh) September 23, 2026
कांग्रेस ने पुराने मुद्दे को बनाया नए हमले का आधार
स्मृति ईरानी की नियुक्ति के साथ ही कांग्रेस ने जिस मुद्दे को पोस्टर के जरिए उठाया, वह महंगाई और गैस सिलेंडर है। कांग्रेस के पोस्टर में स्मृति ईरानी को सिलेंडर के साथ दिखाया और लिखा है कि देश की जनता को ‘जुमलों‘ से धोखा देने के बाद अब छत्तीसगढ़ की जनता को नए जुमले देने की बात कही गई। राजनीतिक तौर पर देखें तो कांग्रेस ने नई नियुक्ति पर सीधे संगठनात्मक सवाल खड़े करने के बजाय स्मृति ईरानी की राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े पुराने मुद्दों को छत्तीसगढ़ के राजनीतिक मैदान में खींच लिया है। इससे साफ है कि कांग्रेस नई प्रभारी की भूमिका शुरू होने से पहले ही उनके राजनीतिक रिकॉर्ड और पुराने बयानों को बहस का हिस्सा बनाना चाहती है।
बीजेपी ने जवाब में बदला पोस्टर का अंदाज
कांग्रेस के पोस्टर के जवाब में भाजपा की ओर से भी कार्टून पोस्टर सामने आया। इसमें स्मृति ईरानी को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को कार्टून के जरिये पैर से पीछे धकेलते हुए दिखाया गया है और ऊपर लिखा है…. ‘चमचे डरे हुए हैं।‘ पोस्टर में अमेठी और वायनाड के संकेत भी दिखाई देते हैं। यह जवाब महज सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक संवाद के बदलते अंदाज का भी संकेत है। दोनों दल अब भाषण और बयान के साथ-साथ कार्टून, मीम और पोस्टर के जरिए भी अपना राजनीतिक नैरेटिव जनता तक पहुंचा रहे हैं।
अब असली सवाल पोस्टर से आगे का
फिलहाल स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ प्रभारी बनने के साथ ही इसकी शुरुआत पोस्टर वार से हुई है। कांग्रेस ने महंगाई और सिलेंडर को मुद्दा बनाया है, तो भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व पर राजनीतिक कटाक्ष किया है। लेकिन आने वाले समय में असली राजनीतिक परीक्षा यह होगी कि स्मृति ईरानी छत्तीसगढ़ भाजपा के संगठन को किस तरह संभालती हैं और कांग्रेस उनके सामने कौन-कौन से स्थानीय मुद्दे खड़े करती है। स्मृति ईरानी की नियुक्ति ने फिलहाल छत्तीसगढ़ भाजपा को नया संगठनात्मक चेहरा दिया है, लेकिन कांग्रेस के आक्रामक पोस्टर और भाजपा के जवाबी कार्टून ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि नई प्रभारी की एंट्री के साथ प्रदेश की सियासत में बयानबाजी और सोशल मीडिया वार का एक नया दौर शुरू हो चुका है।
छत्तीसगढ़ में स्मृति जी का नाम सुनकर चमचे डरे हुए हैं… https://t.co/GReiVXAReL
— BJP Chhattisgarh (@BJP4CGState) September 23, 2026


