रायपुर 2 अक्टूबर 2026। देशभर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस के हमलावर रुख के बीच छत्तीसगढ़ में भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा ने युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में कथित फर्जी वोटिंग का मामला उठाते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है। पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ अभियान पर सवाल खड़े किए हैं।
गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को घेर रही है। पार्टी चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में विरोध दर्ज करा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल हैं और इनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। इसी राजनीतिक माहौल के बीच भाजपा ने छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के चुनाव में कथित फर्जी वोटिंग का मुद्दा उठाकर कांग्रेस को घेरने की कोशिश की है। इससे प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच ‘वोट चोरी’ के आरोप-प्रत्यारोप को लेकर सियासी टकराव और तेज हो गया है।
वोट चोरी का झूठा राग अलापने वाली कांग्रेस का दोगलापन अब पूरी तरह बेनकाब हो चुका है!
जो पार्टी दिन-रात EVM पर सवाल उठाती है, उसके खुद के यूथ कांग्रेस चुनाव में ‘महा-वोट चोरी’ का खेल चल रहा है। भिलाई ITI में फर्जी वोटर आईडी, वर्चुअल नंबर और ऐप हैक करके AI के जरिए दनादन फर्जी वोट डाले गए और पोल खुलते ही डर के मारे वोटिंग रोकनी पड़ी।
जो कांग्रेस अपने संगठन का चुनाव तक निष्पक्ष तरीके से नहीं करा सकती, वो देश के लोकतंत्र और चुनावी व्यवस्था पर उंगली उठाने का ढोंग कर रही है।
कांग्रेसी नेताओं, दूसरों को ज्ञान देने से पहले अपने गिरेबान में झांको। पहले अपने घर की वोट चोरी का हिसाब दो, फिर देश के लोकतंत्र पर सवाल उठाना!
शर्म आनी चाहिए!
— BJP Chhattisgarh (@BJP4CGState) October 1, 2026
भाजपा ने आरोप लगाया है कि जो कांग्रेस लगातार EVM और चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाती रही है, उसके अपने संगठनात्मक चुनाव में ही बड़े पैमाने पर फर्जी मतदान के आरोप सामने आए हैं। भाजपा के मुताबिक, भिलाई ITI में युवा कांग्रेस के चुनाव के दौरान फर्जी वोटर आईडी, वर्चुअल नंबर और ऐप में तकनीकी छेड़छाड़ के जरिए AI की मदद से कथित तौर पर फर्जी वोट डाले गए। भाजपा ने यह भी दावा किया कि गड़बड़ी सामने आने के बाद मतदान रोकना पड़ा। भाजपा ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि…पार्टी दूसरों की चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने से पहले अपने संगठन के चुनाव में लगे आरोपों का जवाब दे।
भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने संगठन का चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराने में भी सफल नहीं हो पा रही है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर लोकतंत्र और चुनावी व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रही है। पोस्ट में भाजपा ने कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ अभियान को राजनीतिक ढोंग बताते हुए कहा कि पार्टी को पहले अपने संगठन में सामने आए कथित फर्जी मतदान के मामले की जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। भाजपा ने इस पूरे प्रकरण को कांग्रेस के दोहरे रवैये से जोड़कर पेश किया है।
जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
हालांकि भिलाई ITI में कथित फर्जी मतदान, AI के इस्तेमाल और ऐप हैकिंग को लेकर भाजपा ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी स्वतंत्र पुष्टि और जांच के नतीजे सामने आना बाकी है। ऐसे में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि वास्तव में कितने वोटों में गड़बड़ी हुई, तकनीकी अनियमितता किस स्तर पर हुई और मतदान रोकने के पीछे क्या कारण रहे। फिलहाल युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में कथित फर्जी वोटिंग का मामला प्रदेश की राजनीति में नया विवाद बन गया है। अब इस पूरे प्रकरण में जांच और संगठन की ओर से आने वाला आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण होगा।


