रायपुर, 3 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी से पहले राजधानी रायपुर में एक सरकारी आदेश को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। जिला खाद्य विभाग का अधिकारियों और कर्मचारियों को राज्योत्सव के कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश सोशल मीडिया पर वायरल है। इस आदेश को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अमित शाह को भीड़ दिखाने के लिए अब सरकारी कर्मचारियों को इकट्ठा किया जा रहा है। भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर वायरल आदेश साझा करते हुए लिखा…. “पूरी भाजपा, भाजपा नियंत्रित मीडिया और भक्तगण गिनती लगा-लगाकर परेशान हो गए थे कि रामलीला मैदान में कितने लोग आए। अब इनको गृहमंत्री अमित शाह को भीड़ दिखानी है। अपनी बारी आई तो सरकारी कर्मचारियों को इकट्ठा कर रहे हैं।”
जानकारी के मुताबिक सोशल मीडिया पर वायरल आदेश खाद्य नियंत्रक रायपुर की ओर से 2 नवंबर को जारी किया गया बताया जा रहा है। इसमें विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 3 नवंबर को शाम 4 बजे से 7 बजे तक राज्योत्सव के शासकीय कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में अधिकारियों-कर्मचारियों को आपसी समन्वय से सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन करने और कार्यक्रम की व्यवस्थाएं संभालने के लिए कहा गया है। आदेश में शासकीय उचित मूल्य दुकानों के अध्यक्षों, संचालकों और विक्रेताओं का भी उल्लेख है। इस वजह से राशन दुकानदारों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, राशन दुकानदारों को दस-दस लोगों को साथ लाने के निर्देश दिए जाने का दावा वायरल आदेश के उपलब्ध विवरण से स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं हुआ है। इस आदेश को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अमित शाह को भीड़ दिखाने के लिए अब सरकारी कर्मचारियों को इकट्ठा किया जा रहा है। वहीं इस मामले में कांग्रेस ने भी भाजपा सरकार को घेरा है। पार्टी के संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि सरकार को राज्योत्सव के समापन समारोह में भीड़ जुटाने की चिंता सता रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता को लगता है कि छत्तीसगढ़ महतारी और प्रदेश की संस्कृति का अपमान हुआ है। इसी कारण लोग कार्यक्रम में जाने से परहेज कर सकते हैं। शुक्ला ने आरोप लगाया कि भीड़ जुटाने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। खाद्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों और उचित मूल्य दुकान संचालकों को कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि पंचायत और शिक्षा विभाग में भी इसी तरह के आदेश जारी किए गए हैं।
गौरतलब है कि आज 3 नवंबर की शाम छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का समापन नवा रायपुर में होना है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हैं। ऐसे में खाद्य विभाग का आदेश सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। एक तरफ कांग्रेस सरकारी कर्मचारियों की अनिवार्य मौजूदगी को भीड़ जुटाने की कोशिश बता रही है, तो दूसरी तरफ आदेश में इसे कार्यक्रम की व्यवस्था और विभागीय दायित्वों से जोड़कर बताया गया है। इस पूरे विवाद में अब सबसे अहम सवाल यह है कि सरकारी कार्यक्रम में कर्मचारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के पीछे विभाग का प्रशासनिक उद्देश्य क्या है ? क्या यह केवल कार्यक्रम की व्यवस्था से जुड़ा निर्देश है या फिर उपस्थिति के जरिए भीड़ प्रबंधन की कोशिश की जा रही है ? फिलहाल इस आरोप-प्रत्यारोप पर राज्य सरकार और भाजपा की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।




