रायपुर, 3 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ में तकनीकी शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने मंगलवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर में सात अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया। इन केंद्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), महत्वपूर्ण खनिज, अंतरिक्ष अनुसंधान, एयरोस्पेस तकनीक, ग्रामीण एवं जनजातीय स्वास्थ्य, कंप्यूटेशनल मैकेनिक्स और नैनोसाइंस एवं सतत ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान किया जाएगा।
इन केंद्रों की स्थापना से छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों और युवा शोधार्थियों को आधुनिक तकनीक पर काम करने के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की अनुसंधान गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। साथ ही उच्च शिक्षण संस्थानों, उद्योगों और शोध संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ने से स्टार्टअप और तकनीक आधारित उद्यमिता को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आधुनिक तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में अपनी वैश्विक पहचान मजबूत कर रहा है।
विकसित भारत के निर्माण में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की निर्णायक भूमिका होगी और युवा प्रतिभाएं इस बदलाव की सबसे बड़ी ताकत बनेंगी। उन्होंने कहा कि AI अब केवल भविष्य की तकनीक नहीं रह गई है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। ऐसे में युवाओं को विश्वस्तरीय अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध कराना और नवाचार के लिए बेहतर वातावरण तैयार करना जरूरी है।
छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा पर भी होगा आधुनिक शोध
केंद्रीय मंत्री ने महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में अनुसंधान की जरूरत पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और आधुनिक उद्योगों के विकास में क्रिटिकल मिनरल्स की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में इनके वैज्ञानिक उपयोग और नई तकनीकों के विकास से देश की तकनीकी और आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी। छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। ऐसे में NIT रायपुर में स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन क्रिटिकल मिनरल्स को प्रदेश के औद्योगिक और तकनीकी विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी होगा नवाचार
इन सात केंद्रों में ग्रामीण एवं जनजातीय स्वास्थ्य के लिए स्थापित मैराल सेंटर फॉर इनोवेशन विशेष महत्व रखता है। इसके माध्यम से ग्रामीण और दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के समाधान के लिए अनुसंधान और तकनीक आधारित पहल को बढ़ावा दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक और अनुसंधान आधारित समाधान दूरस्थ इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में मददगार हो सकते हैं। इसके अलावा अंतरिक्ष विज्ञान, एयरोस्पेस और सतत ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में शोध से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार होंगे।
ये सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बने अनुसंधान का आधार
NIT रायपुर में जिन सात केंद्रों का उद्घाटन किया गया, उनमें शामिल हैं:
- MEITY इंडिया AI छत्तीसगढ़ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस।
- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन क्रिटिकल मिनरल्स।
- सेंटर ऑफ स्पेस एंड इंटरप्लेनेटरी एक्सप्लोरेशन।
- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एयरोस्पेस एंड ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजीज।
- मैराल सेंटर फॉर इनोवेशन इन रूरल एंड ट्राइबल हेल्थ।
- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन कंप्यूटेशनल मैकेनिक्स।
- सेंटर फॉर नैनोसाइंस एंड सस्टेनेबल एनर्जी टेक्नोलॉजीज।
उद्योगों और संस्थानों के बीच बढ़ेगा तालमेल
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये केंद्र केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि विद्यार्थियों, वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और उद्योग जगत को साझा मंच उपलब्ध कराएंगे। इससे अनुसंधान आधारित तकनीकों को व्यावहारिक उपयोग में लाने और नए स्टार्टअप विकसित करने में मदद मिल सकती है।कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, CSIR की महानिदेशक डॉ. नल्लाथंबी कलाइसेल्वी, चेयरपर्सन डॉ. सुरेश हावरे और NIT रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमन्ना राव सहित विभिन्न संस्थानों के अधिकारी, स्टार्टअप प्रतिनिधि, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत से NIT रायपुर में अनुसंधान का दायरा बढ़ने की उम्मीद है। अब इन केंद्रों की वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि यहां होने वाले शोध कितने प्रभावी तकनीकी समाधान, स्थानीय समस्याओं के निराकरण और रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर तैयार कर पाते हैं।


