बिलासपुर 28 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ फार्मेसी काउंसिल में पूर्णकालिक रजिस्ट्रार की नियुक्ति नहीं होने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। अदालत के पूर्व आदेश का निर्धारित समय में पालन नहीं होने पर हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव अधिकारी अमित कटारिया समेत तीन अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सभी अधिकारियों से तीन सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। इस कार्रवाई के बाद फार्मेसी काउंसिल में पूर्णकालिक रजिस्ट्रार की नियुक्ति का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ फार्मेसी काउंसिल में पूर्णकालिक रजिस्ट्रार की नियुक्ति को लेकर हाईकोर्ट ने पहले ही निर्देश जारी किए थे। अदालत ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने को कहा था। हालांकि, तय समय बीतने के बाद भी पूर्णकालिक रजिस्ट्रार की नियुक्ति नहीं हो सकी। इसके बाद अदालत के आदेश का पालन नहीं होने का मामला हाईकोर्ट पहुंचा। मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
हाईकोर्ट ने जिन अधिकारियों को नोटिस जारी किया है, उनमें स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, स्वास्थ्य संचालक संजीव झा और छत्तीसगढ़ फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष अरुण मिश्रा शामिल है। अदालत ने तीनों अधिकारियों से पूछा है कि पूर्व में दिए गए आदेश का निर्धारित समय में पालन क्यों नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने अधिकारियों को अपना पक्ष रखने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है। अब सभी की नजरें उनके जवाब और मामले की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।
गौरतलब है कि अदालत की अवमानना से जुड़े मामलों में न्यायालय के आदेशों के पालन का सवाल अहम होता है। हालांकि इस मामले में फिलहाल नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अवमानना के आरोपों पर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी अदालत के समक्ष क्या जवाब पेश करते हैं और फार्मेसी काउंसिल में पूर्णकालिक रजिस्ट्रार की नियुक्ति को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।


