रायपुर 3 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 26वें वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव का आज 3 नवंबर को समापन होगा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। समारोह में प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। वहीं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए छत्तीसगढ़ की कला और लोक परंपराओं की झलक भी देखने को मिलेगी।
अमित शाह अपने दौरे के दौरान करीब पांच घंटे रायपुर में रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वे दोपहर 3:05 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद पंडरी स्थित आर्टेमिस शांति हॉस्पिटल जाएंगे। यहां दोपहर 3:30 बजे से शाम 5 बजे तक लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री नवा रायपुर के सेक्टर-16 स्थित पीपल वन पहुंचेंगे। यहां विकसित भारत संकल्प पार्क का लोकार्पण करेंगे। शाम 5:55 बजे उनके राज्योत्सव मैदान पहुंचने का कार्यक्रम है। इसके बाद शाम 6 बजे से रात 8 बजे तक वे राज्योत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे।
राज्य अलंकरण से सम्मानित होंगी प्रदेश की विभूतियां
समापन समारोह का एक प्रमुख आकर्षण राज्य अलंकरण सम्मान होगा। अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रदेश की प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के कलाकार लोकसंगीत की प्रस्तुति देंगे। पद्मश्री उषा बारले पंडवानी गायन के जरिए छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को मंच पर प्रस्तुत करेंगी। वहीं, रात 9 बजे के बाद पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य की म्यूजिकल प्रस्तुति प्रस्तावित है।
छत्तीसगढ़ में इस बार राज्योत्सव का आयोजन ऐसे समय हो रहा है, जब प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान जारी है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने देश से नक्सलवाद के खात्मे के लिए 31 मार्च 2026 की समयसीमा तय की थी। ऐसे में राज्योत्सव के समापन समारोह में उनकी मौजूदगी को नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, समारोह में प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और विकास की उपलब्धियां प्रमुख रूप से केंद्र में रहेंगी।
छह रास्तों से प्रवेश, 40 हजार वाहनों की पार्किंग
राज्योत्सव में आने वाले लोगों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। आयोजन स्थल तक पहुंचने के लिए छह रास्तों से प्रवेश की व्यवस्था की गई है। वहीं, करीब 40 हजार वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा आयोजन स्थल पर 300 शौचालय बनाए गए हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अस्पताल और 25 एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और विकास की झलक पेश की गई। आज होने वाले समापन समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री की मौजूदगी, राज्य अलंकरण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां राज्योत्सव के आखिरी दिन का प्रमुख आकर्षण रहेंगी।


