दंतेवाड़ा 1 नवंबर 2026। दंतेवाड़ा जिले के बचेली में NMDC के गेट निर्माण को लेकर विवाद अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। शहर के मुख्य मार्गों पर सुरक्षा के नाम पर बनाए जा रहे गेटों का स्थानीय नागरिक विरोध कर रहे हैं। अब इस विरोध को क्षेत्रीय भाजपा विधायक चैतराम अट्टामी का समर्थन मिल गया है। विधायक ने NMDC के बचेली कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों के सामने नाराजगी जताई और साफ चेतावनी दी कि स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।इस मामले में राजनीतिक रूप से अहम बात यह है कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार होने के बावजूद भाजपा के ही विधायक को सरकारी उपक्रम NMDC के प्रबंधन के सामने विरोध दर्ज कराना पड़ा है।
जानकारी के मुताबिक NMDC प्रबंधन की ओर से बचेली के प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा के उद्देश्य से गेट बनाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन रास्तों से बाजार, स्कूल, अस्पताल और रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। ऐसे में गेट बनने और सुरक्षा जांच की व्यवस्था लागू होने से आम नागरिकों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। नागरिकों ने रास्तों से गुजरने के दौरान आधार कार्ड मांगे जाने पर भी आपत्ति जताई है। उनका सवाल है कि अपने ही शहर में आवागमन के लिए लोगों को पहचान पत्र दिखाने की अनिवार्यता क्यों होनी चाहिए ? शिकायत मिलने के बाद विधायक चैतराम अट्टामी NMDC कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से गेट निर्माण के फैसले का आधार पूछा। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्माण से पहले स्थानीय लोगों की जरूरतों और संभावित परेशानियों को समझना जरूरी है।
विधायक ने निर्माण के लिए नगर पालिका से एनओसी लेने और स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा नागरिकों की राय लेने की बात कही। उन्होंने NMDC प्रबंधन और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर फिलहाल निर्माण कार्य रोकने की मांग भी की। विवाद का एक राजनीतिक पहलू गेट निर्माण के उद्देश्य को लेकर भी है। विधायक ने सवाल उठाया कि यदि इन गेटों का मकसद धरना-प्रदर्शन और आंदोलनों को रोकना है तो यह उचित नहीं है। लोकतंत्र में नागरिकों को अपनी मांगों और अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब औद्योगिक परियोजनाओं और स्थानीय जनता के हितों के बीच संतुलन को लेकर बस्तर क्षेत्र में लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में बचेली का गेट विवाद भी स्थानीय अधिकारों और औद्योगिक प्रबंधन की कार्यशैली के बीच टकराव का मुद्दा बन सकता है।
अब NMDC और प्रशासन के रुख पर नजर
विधायक ने सुझाव दिया है कि नगर पालिका, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की बैठक बुलाकर उनकी आपत्तियां सुनी जाएं। यदि सुरक्षा के लिहाज से गेट जरूरी हैं तो उनकी व्यवस्था पर सहमति से फैसला लिया जाए। फिलहाल इस विवाद में NMDC प्रबंधन और जिला प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है। अब देखना होगा कि प्रबंधन विधायक की आपत्ति के बाद निर्माण रोकता है, स्थानीय लोगों से बातचीत करता है या अपने फैसले पर कायम रहता है। बचेली में गेट निर्माण का यह विवाद आने वाले दिनों में स्थानीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है।


