बिलासपुर 15 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के बीच आपसी रंजिश का मामला पुलिस तक पहुंच गया है। बेलगहना चौकी क्षेत्र के करवा गांव में एक सहायक शिक्षक ने अपने ही विभाग के दो शिक्षकों पर रास्ता रोककर मारपीट करने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता के अनुसार दोनों शिक्षकों को विभागीय जांच के बाद निलंबित किया गया था। इसके बाद से वे उससे रंजिश रखने लगे थे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मारपीट करने वाले दोनों शिक्षक पति-पत्नी है।
जानकारी के मुताबिक कोटा निवासी दीनदयाल सिंह ओट्टी शासकीय प्राथमिक शाला करवा में सहायक शिक्षक वर्ग-तीन के पद पर पदस्थ हैं। शिक्षक ने पुलिस को बताया कि प्राथमिक शाला टेंगनमाड़ा में पदस्थ शिक्षिका अर्चना अनंत और प्राथमिक शाला सोढ़ा कला में पदस्थ उदयराम अनंत को विभागीय जांच के बाद निलंबित किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद दोनों उन्हें निलंबन के लिए जिम्मेदार मानने लगे। पूर्व में भी उदयराम अनंत पर गाली-गलौज करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के मुताबिक 13 अक्टूबर की सुबह दीनदयाल सिंह ओट्टी ट्रेन से टेंगनमाड़ा स्टेशन पहुंचे थे। उनके साथ शिक्षिका जयश्री कौशिक भी थीं।
सुबह करीब 9:10 बजे दोनों बाजार रोड से करवा गांव की कच्ची सड़क पर स्कूल जा रहे थे। इसी दौरान मृत्युंजय जायसवाल के घर के पास अर्चना अनंत ने कथित तौर पर उनका रास्ता रोक लिया और कॉलर पकड़कर हाथापाई शुरू कर दी। आरोप है कि इसी बीच उदयराम अनंत भी मौके पर पहुंच गए। दोनों ने निलंबन के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए शिक्षक के साथ गाली-गलौज की और हाथ-मुक्कों से मारपीट की। उन्होंने दोनों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया है। घटना के समय शिक्षिका जयश्री कौशिक और आसपास के लोगों के मौजूद रहने की बात कही गई है।
बेलगहना चौकी पुलिस ने शिकायत के आधार पर अर्चना अनंत और उदयराम अनंत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 296, 351(3), 115(2), 126 और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना की जा रही है। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के बीच आपसी विवाद और गुटबाजी का मामला सामने आने से विभागीय अनुशासन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शिक्षक यदि व्यक्तिगत रंजिश में उलझते हैं, तो इसका असर स्कूल के माहौल और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ सकता है। फिलहाल, पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं।


