कोरबा 15 जुलाई 2026। एसईसीएल की गेवरा परियोजना के बैकअप ऑफिस में हुई लूट की घटना में दीपका पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि इस कार्रवाई के बावजूद कोरबा के कोयला खदान क्षेत्रों में सक्रिय कबाड़ और केबल चोरी करने वाले गिरोहों के बढ़ते आतंक पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस कप्तान की सख्ती और लगातार कार्रवाई के दावों के बीच एसईसीएल की खदानों में चोरी और लूट की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
जानकारी के मुताबिक मामला दीपका थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक 7 जुलाई की रात करीब 11 बजे 10 से 12 नकाबपोश बदमाश गेवरा माइंस के बैकअप ऑफिस में घुस गए थे। आरोपियों ने ड्यूटी पर मौजूद एसईसीएल कर्मचारी जगन्नाथ पटेल के साथ मारपीट कर उनका मोबाइल फोन लूट लिया। इसके बाद कार्यालय में रखा तांबे का केबल वायर भी अपने साथ ले गए। घटना के दौरान वहां तैनात सीआईएसएफ जवान मिथुन एम ने विरोध किया तो बदमाशों ने उनके साथ भी मारपीट की और उनका सैमसंग एस-22 मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए।
सुरक्षा बल के जवान के साथ हुई यह घटना खदान क्षेत्र में सक्रिय गिरोहों के बढ़ते हौसले की ओर इशारा करती है। घटना की जानकारी के बाद दीपका पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस वारदात में शामिल अरुण चौहान उर्फ ददू (23), सरजू प्रसाद चौहान (39) और रोहित यादव (18) को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में तीनों ने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की है। उनकी निशानदेही पर केबल बेचकर मिली नकदी और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में रोशन यादव, भानु विश्वकर्मा, किरण चौहान और भागवत कुशरे अभी फरार हैं।
उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। वहीं लूटे गए मोबाइल फोन की बरामदगी के प्रयास भी जारी हैं। कोरबा का कोयला क्षेत्र लंबे समय से कबाड़, तांबे के केबल, डीजल की चोरी करने वाले संगठित गिरोहों की गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहा है। हाल के महीनों में पुलिस ने कई कार्रवाई की हैं, लेकिन इसके बावजूद गेवरा, दीपका और कुसमुंडा परियोजनाओं में चोरी और लूट की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि अब ये गिरोह केवल चोरी तक सीमित नहीं रह गए हैं। विरोध करने पर कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।
इससे खदान क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। एसईसीएल की गेवरा परियोजना देश की सबसे बड़ी कोयला खदानों में शामिल है। यहां सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद बदमाशों का बैकअप ऑफिस तक पहुंचना और वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाना सुरक्षा तंत्र की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि कबाड़ गिरोहों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के बावजूद उनका नेटवर्क पूरी तरह नहीं टूट पाया है।

