भिलाई 29 सितंबर 2026। भिलाई इस्पात संयंत्रसे लौह-स्क्रैप चोरी के मामले में अब CBI जांच करेगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। 25 सितंबर 2026 को जारी राजपत्र के अनुसार, केंद्रीय जांच ब्यूरो को इस मामले में जांच के लिए सहमति दी गई है। इस घटनाक्रम के साथ ही भाजपा विधायक रिकेश सेन की ओर से पहले उठाई गई CBI जांच की मांग फिर चर्चा में आ गई है।करीब 250 टन लौह-स्क्रैप की बरामदगी से शुरू हुए इस मामले में पुलिस अब तक 21 आरोपियों की गिरफ्तारी की बात कह चुकी है। इनमें रसमड़ा स्थित रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद कुमार गर्ग और डायरेक्टर संदीप कुमार सिंह भी शामिल हैं।
गौरतलब है कि भिलाई स्टील प्लांट से लोहा चोरी का ये पूरा मामला यह पूरा मामला 26 मई 2026 को सामने आया था, जब पुलिस ने अकलोरडीही खदान पारा स्थित AK Traders के परिसर से करीब 250 टन लौह स्क्रैप बरामद किया। जांच में आशंका जताई गई कि भिलाई स्टील प्लांट से स्क्रैप निकालने के लिए फ्लू डस्ट ले जाने वाले वाहनों का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस ने स्क्रैप के साथ परिवहन में इस्तेमाल किए जाने वाले वाहन और अन्य मशीनें भी जब्त की थीं। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने संजय सिंह को कथित मास्टरमाइंड बताया। इसके बाद चोरी के स्क्रैप को खपाने के आरोप में रसमड़ा स्थित रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद कुमार गर्ग और डायरेक्टर संदीप कुमार सिंह को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 21 तक पहुंच गई। वैशाली नगर के भाजपा विधायक रिकेश सेन ने मामले में CBI जांच की मांग करते हुए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्रालय, केंद्रीय इस्पात मंत्रालय और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री समेत कई स्तरों पर पत्राचार किया था। उन्होंने ED, EOW और ACB से भी जांच कराने की मांग उठाई थी। अब राज्य सरकार की अधिसूचना के बाद CBI को इस मामले की जांच करने की सहमति मिल गई है। हालांकि, जांच की वास्तविक प्रगति और आगे की कार्रवाई केंद्रीय एजेंसी के आधिकारिक कदमों से स्पष्ट होगी।
अधिसूचना के बाद रिकेश सेन ने वीडियों जारी कर कहा….
CBI जांच की अधिसूचना जारी होने के बाद विधायक रिकेश सेन ने देर रात वीडियो जारी कर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संपत्ति की चोरी करने वालों को अब जांच का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने उन लोगों पर भी निशाना साधा, जो उनके मुताबिक CBI जांच की संभावना पर सवाल उठा रहे थे। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि CBI की जांच में कथित चोरी के पूरे नेटवर्क, संयंत्र के भीतर संभावित मिलीभगत और स्क्रैप की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों की भूमिका को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल, आरोपों की पुष्टि और जिम्मेदार लोगों की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच के निष्कर्षों और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।



