रायपुररायपुर 15 अक्टूबर 2026। बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने इस मुद्दे पर बीजेपी पर निशाना साधा है। बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बीजेपी के ‘चाल-चरित्र-चेहरे’ पर सवाल उठाए और अंकिता के माता-पिता को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा…..“भाजपा हमेशा बलात्कारियों का साथ देती है. यही उसका ‘चाल-चरित्र-चेहरा’ है. ईश्वर से तो डरो!”
भाजपा हमेशा बलात्कारियों का साथ देती है.
यही उसका “चाल-चरित्र-चेहरा” है.उत्तराखण्ड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय तक नहीं मिला. जाँच जारी है. लेकिन “VIP” दुष्यंत गौतम को भाजपा राज्यपाल बना रही है.
भाजपा के इस निर्णय के ख़िलाफ़ इंडिया गेट पर रात भर से धरने पर बैठे अंकिता के माँ-बाप को मोदी जी ने दिल्ली पुलिस भेजकर उठवा लिया.
ईश्वर से तो डरो!
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) October 15, 2026
गौरतलब है कि उत्तराखंड की 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में ऋषिकेश के पास एक रिजॉर्ट में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में तीन आरोपियों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब मामला कथित वीआईपी एंगल की जांच को लेकर फिर चर्चा में है। अंकिता के परिवार ने दुष्यंत गौतम का नाम कथित वीआईपी के संदर्भ में लिया है और जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति रोकने की मांग की है। हालांकि दुष्यंत गौतम के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता। इस मांग को लेकर अंकिता भंडारी के परिजन दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गये थे। जिन्हे बुधवार देर रात पुलिस ने उठाकर हिरासत में ले लिया। अब इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने बीजेपी पर हमला बोला है।
उन्होने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा…..“भाजपा हमेशा बलात्कारियों का साथ देती है. यही उसका ‘चाल-चरित्र-चेहरा’ है. उत्तराखण्ड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय तक नहीं मिला. जाँच जारी है. लेकिन ‘VIP’ दुष्यंत गौतम को भाजपा राज्यपाल बना रही है.भाजपा के इस निर्णय के ख़िलाफ़ इंडिया गेट पर रात भर से धरने पर बैठे अंकिता के माँ-बाप को मोदी जी ने दिल्ली पुलिस भेजकर उठवा लिया. ईश्वर से तो डरो!” बघेल ने अपने बयान में दुष्यंत गौतम की नियुक्ति और अंकिता के परिवार के विरोध प्रदर्शन को मुद्दा बनाया है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अंकिता के माता-पिता कथित VIP एंगल की जांच पूरी होने तक गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।
#WATCH 2022 अंकिता भंडारी मर्डर केस | दिल्ली: अंकिता भंडारी की माता ने कहा,”जब तक उनकी (दुष्यंत गौतम) नियुक्ति रद्द नहीं होती है तब तक हम ऐसे ही बैठे रहेंगे। अगर हमें यहां बैठने नहीं देंगे तो हम अपने घर में भूख हड़ताल करेंगे।”
अंकिता भंडारी के पिता ने कहा,”हम सरकार को 24 घंटे का समय देते हैं कि उन्होंने जो दुष्यंत गौतम की नियुक्ति की है उन्हें निरस्त करें अगर वो निरस्त नहीं करेंगे तो पूरे भारत में जनता सड़क पर उतर जाएगी।”
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 15, 2026
नियुक्ति रद्द करने की मांग पर अड़े अंकिता के माता-पिता
अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना देकर दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति रद्द करने की मांग की। परिवार का कहना है कि कथित VIP एंगल की जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगनी चाहिए। अंकिता की मां ने मीडिया से कहा कि जब तक नियुक्ति रद्द नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें धरना देने की अनुमति नहीं दी गई, तो वे अपने घर में भूख हड़ताल करेंगी। वहीं, अंकिता के पिता ने सरकार को 24 घंटे का समय देते हुए नियुक्ति रद्द करने की मांग की और चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर देशभर में लोग सड़कों पर उतर सकते हैं। 14 अक्टूबर को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी अंकिता के माता-पिता से मिलने इंडिया गेट पहुंचे थे। कांग्रेस नेताओं ने परिवार की मांग का समर्थन किया और दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर सवाल उठाए।
इसके बाद 15 अक्टूबर की सुबह दिल्ली पुलिस ने अंकिता के माता-पिता और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें कुछ समय बाद रिहा कर दिया गया। इस कार्रवाई को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई है। भूपेश बघेल के बयान ने इस मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक बहस में ला दिया है। कांग्रेस इस नियुक्ति को लेकर सवाल उठा रही है, जबकि बीजेपी की ओर से उत्तराखंड सरकार की जांच और कार्रवाई का बचाव किया गया है। फिलहाल इस पूरे विवाद में तीन मुद्दे प्रमुख हैं—अंकिता के परिवार की न्याय की मांग, कथित VIP एंगल की जांच और दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति। अब नजर इस बात पर है कि केंद्र सरकार परिवार की मांग पर क्या रुख अपनाती है और जांच में आगे क्या सामने आता है।


