बस्तर, 8 नवंबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार दीपावली मनाने छत्तीसगढ़ के बस्तर पहुंचे हैं। उन्होंने करनपुर स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) कैंप में सुरक्षाबलों के जवानों के साथ त्योहार मनाया। जवानों के बीच पहुंचे प्रधानमंत्री ने कहा कि हर जवान उनका परिवार है। उन्होंने बस्तर में नक्सली आतंक के खात्मे और विकास की नई बयार का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बस्तर में जवानों के साथ दिवाली मनाने की जानकारी दी थी। उनके दौरे की खबर सामने आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने उनका स्वागत किया।
#WATCH बस्तर, छत्तीसगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “माओवादी आतंक, नक्सलवाद के खिलाफ यह लड़ाई आसान नहीं थी। एक समय था जब देश के करीब 20 राज्यों में 230 से ज्यादा जिले नक्सलवाद की चपेट में थे, नक्सलवाद से प्रभावित थे। शाम होने के बाद यहां जीवन ठहर जाता था। घरों से बाहर निकल नामुमकिन हो जाता था। लोगों से उनका वोट डालने का अधिकार भी इन नक्सलियों ने छीन लिया था। बिहार, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, देश का एक बहुत बड़ा हिस्सा वामपंथी उग्रवाद की चपेट में था। हजारों गांव, करोड़ों की आबादी, एक साल में दो-दो हज़ार तक नक्सली हमले, एक साल में 2000 हमले…2010 में यहीं पास ही दंतेवाड़ा में नक्सलियों से मुठभेड़ में CRPF के हमारे 76 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए। 2010 में ही, दंतेवाड़ा में ही एक और घटना में 44 निर्दोष नागरिकों की हत्या हुई थी। यह धरती हमारे वीरों के रक्त से अभिषिक्त हो गई थी। लेकिन महलों में रहने वाले किसी भी नामदार की सिसकी नहीं सुनाई दी। किसी भी महलों में रहने वाले नामदार की आंखों से एक बिंदु भी नहीं निकला था। आए दिन कहीं न कहीं ऐसे हमले होते रहते थे।”
(सोर्स: डीडी)
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 8, 2026
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘नक्सल मुक्त बस्तर में प्रधानमंत्री जी का स्वागत है।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 13वीं बार जवानों के साथ दिवाली मना रहे हैं। वर्ष 2014 से 2025 के बीच वे 12 बार अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षाबलों के बीच दीपावली मना चुके हैं। पिछले साल 2025 में उन्होंने गोवा में INS विक्रांत पर नौसैनिकों के साथ दिवाली मनाई थी। इससे पहले 2024 में वे गुजरात के कच्छ पहुंचे थे, जहां BSF, सेना, नौसेना और वायुसेना के जवानों के साथ त्योहार मनाया था।
नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई के बीच बस्तर दौरा
प्रधानमंत्री का बस्तर दौरा ऐसे समय हुआ है, जब केंद्र और राज्य सरकार नक्सलवाद के खिलाफ अभियान और प्रभावित इलाकों में विकास कार्यों को लेकर लगातार सक्रिय हैं। ऐसे में जवानों के साथ दिवाली मनाने के उनके कार्यक्रम को सुरक्षा बलों के योगदान और बस्तर में आए बदलावों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह के भी करनपुर कैंप पहुंचने का कार्यक्रम बताया गया है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी करीब तीन साल पहले करनपुर कैंप का दौरा कर चुके हैं। प्रधानमंत्री के इस दौरे की जानकारी पहले छत्तीसगढ़ भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों को भी नहीं थी। सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट सामने आने के बाद प्रदेश के नेताओं ने दौरे का स्वागत किया।



