रायपुर, 4 नवंबर 2026। करीब 6 हजार करोड़ रुपये के महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को रायपुर की CBI कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने CBI को उसकी 8 दिन की कस्टोडियल रिमांड मंजूर कर दी है। अब CBI की टीम उसे पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाएगी। उसे 12 नवंबर को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाया गया है। मंगलवार को CBI की टीम उसे दिल्ली से फ्लाइट E6 2307 के जरिए रायपुर लेकर पहुंची थी। बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच उसे रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया गया। पेशी को देखते हुए कोर्ट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
अदालत में CBI की ओर से रिमांड की मांग को लेकर बहस हुई। इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी और वकील भी मौजूद रहे। ED ने भी सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के लिए तीन दिन की कस्टोडियल रिमांड का आवेदन लगाया है। वहीं, सौरभ के वकील तुषार गिरी ने CBI की रिमांड मांग का विरोध किया और इसे गलत बताया। अदालत ने CBI को आठ दिन की कस्टोडियल रिमांड मंजूर कर दी। अब जांच एजेंसी दिल्ली में उससे पूछताछ करेगी। इससे पहले सोमवार को सौरभ चंद्राकर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया था।
वहां से CBI को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली थी, जिसके बाद उसे रायपुर लाया गया। सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महादेव सट्टा ऐप मामले के मुख्य आरोपी को पकड़कर भारत लाया गया है। CBI की पूछताछ में कई और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने स्वार्थ के लिए लोकतंत्र की हत्या की और आज वही लोकतंत्र की बात कर रही है।
दीपक बैज का सवाल- रवि उप्पल और शुभम सोनी कहां हैं ?
दूसरी ओर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कांग्रेस भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी और राज्य सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सौरभ चंद्राकर को भारत लाकर रायपुर पहुंचाया गया है, लेकिन रवि उप्पल और शुभम सोनी अब तक कहां हैं ? बैज ने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान महादेव ऐप को लेकर वीडियो जारी करने वाले शुभम सोनी का जिक्र करते हुए पूछा कि अब उसका कोई पता क्यों नहीं है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में महादेव ऐप मामले में 72 से अधिक FIR दर्ज की गई थीं। उन्होंने कहा कि उस दौरान छापेमारी और गिरफ्तारियां भी हुई थीं। बैज के मुताबिक, तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महादेव ऐप को गूगल प्ले स्टोर से हटाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भी लिखा था।
अब दिल्ली में पूछताछ से खुलेंगे नए तथ्य ?
सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी और आठ दिन की CBI रिमांड के बाद महादेव सट्टा ऐप मामले की जांच एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है। जांच एजेंसी अब उससे कथित सट्टा नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और इस पूरे कारोबार से जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ करेगी। वहीं, ED की ओर से भी रिमांड आवेदन लगाए जाने के बाद इस मामले में दोनों केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर नजर रहेगी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सौरभ चंद्राकर से पूछताछ में किन लोगों के नाम सामने आते हैं और करीब 6 हजार करोड़ रुपये के बताए जा रहे इस सट्टा कारोबार की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।


