नई दिल्ली 1 नवंबर 2026। वोट चोरी और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में शक्ति प्रदर्शन किया। कांग्रेस के नेतृत्व में आयोजित INDIA ब्लॉक की इस महारैली में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी समेत कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। रैली से पहले विपक्षी नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर जुटे और फिर खुली बस में सवार होकर मार्च के लिए रवाना हुए। विपक्ष का मार्च मिंटो ब्रिज से शुरू होकर कनॉट प्लेस, मिंटो रोड जंक्शन और अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान पहुंचा। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए गए।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया, “हमने सबसे कहा था कि जब आप यहां मार्च और मेगा रैली के लिए आएं, तो कुछ खरीदारी जरूर करें। लेकिन, जब हम यहां कनॉट प्लेस पहुंचे, तो पता चला कि बीजेपी ने जबरदस्ती सारी दुकानें बंद करवा दी हैं। इसलिए, आपको पता होना चाहिए कि व्यापारियों का नुकसान कौन करवा रहा है और यह कैसे हो रहा है।”
(वीडियो स्रोत: राहुल गांधी/X)
— IANS Hindi (@IANSKhabar) November 1, 2026
दुकानों के बंद होने पर राहुल गांधी का BJP पर आरोप
रैली से पहले राहुल गांधी ने लोगों से दिल्ली के स्थानीय दुकानदारों से त्योहारों की खरीदारी करने की अपील की थी। लेकिन रविवार को कनॉट प्लेस पहुंचने के बाद उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि भाजपा ने जबरन सभी दुकानें बंद करवा दी हैं।राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने रैली और मार्च में आने वाले लोगों से खरीदारी करने की अपील की थी, लेकिन कनॉट प्लेस में दुकानें बंद मिलीं। उन्होंने लोगों से कहा कि उन्हें समझना चाहिए कि व्यापारियों का नुकसान कौन करवा रहा है और इसके पीछे क्या वजह है। हालांकि, व्यापारिक संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने भी रैली के कारण कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई है।
संगठन का दावा है कि रामलीला मैदान के पांच किलोमीटर के दायरे में करीब 2.5 लाख दुकानें बंद रह सकती हैं। संगठन ने ट्रैफिक प्रतिबंधों और भीड़ के कारण व्यापार तथा माल की आवाजाही प्रभावित होने की चिंता जताई है। रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मैदान और उसके आसपास करीब 35 से 40 हजार लोगों की मौजूदगी का अनुमान है। वहीं, विपक्षी दलों ने रैली में एक लाख लोगों के जुटने का दावा किया है। दोनों आंकड़ों में अंतर है और वास्तविक संख्या का आधिकारिक आकलन सामने आना बाकी है।
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
इस रैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियां हैं। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल हैं। चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ पक्ष का जवाब भी इस बहस का अहम हिस्सा है। पिछले 25 दिनों में विपक्ष इस मुद्दे पर सातवीं बार एकजुट हुआ है। इससे पहले 6 से 13 अक्टूबर के बीच छह बार विरोध प्रदर्शन किए गए थे। रामलीला मैदान की रैली के जरिए विपक्ष ने इस मुद्दे पर अपनी एकजुटता दिखाने की कोशिश की है।
VIDEO | Visuals from Ramlila Maidan where the supporters have gathered in large numbers for INDIA bloc’s ‘Vote Bachao, Desh Bachao’ rally.
#ChaloDilli #VoteBachaoDeshBachao https://t.co/4OTOqz0nYF
— Press Trust of India (@PTI_News) November 1, 2026


