अंबिकापुर 31 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के सरगुजा में कांग्रेस नेता गुरप्रीत सिंह की हत्या की कथित साजिश का मामला सामने आया है। डाक के जरिए मिले एक पत्र में दावा किया गया है कि जेल में बंद एक आरोपी बाहर बैठे कुछ लोगों के साथ मिलकर उनकी हत्या की योजना बना रहा है। पत्र में कथित शूटरों से संपर्क और बड़ी रकम के लेनदेन का भी उल्लेख किया गया है। पत्र मिलने के बाद गुरप्रीत सिंह ने कांग्रेस नेताओं के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और अपनी सुरक्षा की मांग की है।
गुरप्रीत सिंह के मुताबिक, करीब दो महीने पहले उनके घर के सामने मारपीट की घटना हुई थी। इस मामले में उनकी शिकायत पर मणिपुर थाने में सुनील साहू के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था। पुलिस कार्रवाई के बाद सुनील साहू फिलहाल केंद्रीय जेल में बंद है। पत्र में श्याम विश्वकर्मा का नाम भी शामिल किया गया है। डाक से मिले पत्र में आरोप लगाया गया है कि जेल में बंद सुनील साहू, श्याम विश्वकर्मा के साथ मिलकर कुछ शूटरों के संपर्क में है। पत्र में राउरकेला निवासी रमेश कुमार शर्मा उर्फ टिट्टू, झारखंड निवासी मनोज उर्फ भूत सरकार और शंकर मुंडा सहित कुछ अन्य लोगों के नामों का भी उल्लेख किया गया है।
पत्र भेजने वाले का दावा है कि इन लोगों के जरिए गुरप्रीत सिंह की हत्या की साजिश रची जा रही है। इसमें कथित तौर पर बड़ी रकम के लेनदेन का भी जिक्र है। हालांकि, पत्र में लगाए गए आरोपों और उसमें बताए गए लोगों की भूमिका की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पत्र मिलने के बाद गुरप्रीत सिंह कांग्रेस नेताओं के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही जेल में बंद आरोपी की गतिविधियों की जांच करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
पुलिस ने मामले की जांच कराने और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने की बात कही है। फिलहाल पुलिस के सामने पत्र भेजने वाले की पहचान और उसमें किए गए दावों की सत्यता पता लगाने की चुनौती है। क्या वाकई किसी कांग्रेस नेता की हत्या की साजिश रची जा रही है या फिर किसी ने जानबूझकर ऐसा पत्र भेजकर सनसनी फैलाने की कोशिश की है? इन सवालों का जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।


