रायपुर रायपुर 11 अक्टूबर 2026। दिल्ली में 12 अक्टूबर को कांग्रेस के प्रस्तावित सुप्रीम कोर्ट मार्च से ठीक पहले छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। सिंहदेव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा करते हुए चुनाव प्रक्रिया, लोकतांत्रिक संस्थाओं और विरोध प्रदर्शनों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में पुलिस और बीजेपी-आरएसएस के लोगों का कथित दुरुपयोग लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। सिंहदेव ने अपने बयान में वोट चोरी, चुनाव चोरी और संस्थाओं पर कब्जे जैसे आरोप लगाते हुए कहा कि…“इस मामले में साक्ष्य पहले से ही सार्वजनिक हैं। उन्होंने इसे सत्ता बचाने की हताश कोशिश करार दिया।
गौरतलब है कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने 12 अक्टूबर को दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने का ऐलान किया है। इस मार्च के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर रोक और कथित चुनावी अनियमितताओं के मुद्दे को उठाने की तैयारी है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात के लिए समय भी मांगा है। यह मार्च ऐसे समय हो रहा है, जब दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक टकराव बढ़ गया है। राहुल गांधी ने भी प्रदर्शनकारियों के साथ कथित मारपीट को लेकर केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा है। वहीं राहुल गांधी के आह्वान के बाद देशभर से कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ ही छत्तीसगढ़ से पूर्व सीएम भूपेश बघेल, पीसीसी चीफ दीपक बैज के साथ ही बड़ी संख्या में कांग्रेस विधायक दिल्ली के लिए रविवार की शाम रवाना हुए है।
वहीं दिल्ली में चल रहे प्रोटेस्ट और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को लेकर छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े किये है। सिंहदेव ने अपने बयान में शांतिपूर्ण विरोध को हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाना जरूरी है और जनता के साथ युवा भी जागरूक हो रहे हैं। सिंहदेव ने स्पष्ट किया कि न्याय मिलने तक यह लड़ाई जारी रहनी चाहिए। उनके बयान का राजनीतिक संदेश साफ है—कांग्रेस इस मुद्दे को केवल चुनावी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे लोकतंत्र, संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों से जोड़कर जनता के बीच ले जाना चाहती है। टीएस सिंहदेव का यह बयान छत्तीसगढ़ की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। राज्य में बीजेपी की सरकार है, जबकि कांग्रेस विपक्ष की भूमिका में है। ऐसे में सिंहदेव जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेता का राष्ट्रीय मुद्दे पर खुलकर सामने आना प्रदेश कांग्रेस के राजनीतिक रुख को भी मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है।
सिंहदेव ने अपने संदेश के अंत में कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और बेहतर लोकतंत्र बनने का हकदार है। उनका यह बयान कांग्रेस की उस राजनीतिक रणनीति के अनुरूप है, जिसमें चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही को प्रमुख मुद्दा बनाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले कांग्रेस ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ाने की कोशिश तेज कर दी है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि विपक्ष का यह प्रदर्शन कितना व्यापक होता है और उसकी मांगों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है। हालांकि, वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं के आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जा सकता है। फिलहाल, सिंहदेव के बयान ने छत्तीसगढ़ से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस और बीजेपी के बीच जारी राजनीतिक टकराव को और धार दे दी है।
दिल्ली में सरकार का रवैया – पुलिस और BJP-RSS के गुंडों का दुरुपयोग इस बात का सबूत है कि भाजपा ज्ञानेश कुमार के साथ वोट चोरी, चुनाव चोरी और संस्था चोरी में शामिल है। साक्ष्य पहले से काफी हैं और सबके सामने हैं।
यह सिर्फ सत्ता बचाने की हताश कोशिश है।
शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, खासकर जब बात लोकतंत्र को बचाने की हो। जनता जाग रही है, युवा जाग रहे हैं, और यह लड़ाई तब तक नहीं रुकेगी जब तक देश को न्याय नहीं मिलता।
विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र, सबसे बेहतर लोकतंत्र बनने का हक़दार है। जय हिंद 🇮🇳
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— T S Singhdeo (@TS_SinghDeo) October 11, 2026


