काठमांडू 11 अक्टूबर 2026। नेपाल में कुदरत का कहर एक बार फिर देखने को मिला है। गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही हुई है। बाढ़ अपने साथ तीन पुल बहा ले गई, जबकि नदी किनारे बने कई घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचा है। चुमनुबरी और धारचे ग्रामीण नगरपालिकाओं में बस्तियां और बुनियादी ढांचा प्रभावित हुए हैं। इस बीच, नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नदी में एक और तेज बाढ़ आने की आशंका जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने रविवार सुबह बूढ़ी गंडकी नदी में तेज बाढ़ की आशंका को लेकर चेतावनी जारी की।
प्राधिकरण ने लोगों से नदी के आसपास जाने से बचने और सुरक्षित ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने की अपील की है। प्राधिकरण की सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, चुमनुबरी ग्रामीण नगरपालिका-6 की ओर से बूढ़ी गंडकी नदी में तेज बाढ़ आ रही है। लोगों को चेतावनी दी गई है कि बाढ़ का पानी गुजरने तक त्रिशूली दोभान तक नदी के किनारे न जाएं और ऊंचाई वाले स्थानों पर रहें। तेज बहाव के कारण नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ सकता है। ऐसे में नदी के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए स्थिति बेहद जोखिम भरी हो सकती है। हालांकि, अधिकारियों ने बाढ़ आने का कोई निश्चित समय नहीं बताया है।
अचानक आई बाढ़ से तीन पुल बह गए, घरों में घुसा पानी
गोरखा जिले में रविवार सुबह करीब 4 बजे उग्युलुंग और सियार नदियों की ओर से तेज आवाजें सुनाई देने के बाद स्थानीय लोग और पर्यटक सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नदी का जलस्तर लगातार घटता-बढ़ता रहा। बाढ़ में दो सस्पेंशन फुटब्रिज और वाहनों की आवाजाही के लिए इस्तेमाल होने वाला एक लोहे का पुल बह गया। कई बस्तियों में घरों के भीतर पानी भर गया, जबकि अन्य मकानों पर भी खतरा मंडराने लगा। एक निर्माण शिविर और जलविद्युत परियोजना से जुड़ा कुछ सामान भी बह गया।
भूस्खलन से नदी का रास्ता रुकने की आशंका
शुरुआती रिपोर्टों में आशंका जताई गई है कि चुमनुबरी ग्रामीण नगरपालिका-6 में लोकपा और चुमलिंग के बीच सियार नदी में भूस्खलन के कारण पानी का बहाव रुक गया होगा। चुमचेट में उंगिलुंग नदी के पास भूस्खलन को भी संभावित कारण माना जा रहा है। ऐसी स्थिति में नदी का रास्ता अस्थायी रूप से अवरुद्ध होने और बाद में पानी अचानक तेजी से निकलने से फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ आ सकती है। हालांकि, इस घटना की वास्तविक वजह की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
नेपाल पहले भी झेल चुका है विनाशकारी अचानक बाढ़
नेपाल इससे पहले भी अचानक आई विनाशकारी बाढ़ का सामना कर चुका है। आपके दिए गए विवरण के मुताबिक, 26 अगस्त को भोटेकोसी नदी की सहायक नदी ल्हेन्डे का प्रवाह अवरुद्ध होने के बाद नेपाल-चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी क्षेत्र का तिमुरे गांव प्रभावित हुआ था। उस घटना में लोगों को संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिला, क्योंकि इलाके में बारिश नहीं होने के कारण कई लोगों को बाढ़ की आशंका नहीं थी। विश्व बैंक की रिपोर्ट के हवाले से दिए गए आंकड़ों के अनुसार, उस आपदा में भौतिक संपत्तियों को करीब 1.66 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष आर्थिक नुकसान हुआ था। नुकसान का लगभग 83 प्रतिशत हिस्सा बुनियादी ढांचे से संबंधित बताया गया।
नेपाल सरकार के शुरुआती रैपिड डैमेज एंड नीड्स असेसमेंट में नुकसान का अनुमान करीब 1.81 अरब अमेरिकी डॉलर लगाया गया था। बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ और नई चेतावनी ने प्रभावित क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल अधिकारियों की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है और बाढ़ के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि नदी का जलस्तर दोबारा तेजी से बढ़ने पर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की जान और संपत्ति को खतरा हो सकता है। ऐसे में प्रशासन की चेतावनी का पालन करना और नदी से दूर सुरक्षित स्थानों पर रहना बेहद जरूरी है।


