नई दिल्ली 9 अक्टूबर 2026। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले राजधानी में सुरक्षा इंतजामों और कथित पाबंदियों को लेकर सियासत तेज हो गई है। कई ट्रेनों के रद्द होने, 50 से अधिक मेट्रो स्टेशनों के बंद किए जाने और जनपथ-कर्तव्य पथ क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं निलंबित किए जाने के दावों के बीच कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष ने इन कदमों को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं, जबकि पूरे घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था और नागरिकों की आवाजाही को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
कितना शर्मनाक है कि चोरों को बचाने के लिए आम लोगों को परेशान किया जा रहा है।
चोरी चलता रहे इसके लिए रेल, रोड, मेट्रो और इंटरनेट बंद किया जा रहा है।
एक तरफ़ भारत की जनता और दूसरी ओर भाजपा है, यह लड़ाई देश और मोदीजी के दोस्त के बीच है।
यह वोटचोरी से बनी हुई ‘डरपोक’ सरकार है।
— Kanhaiya Kumar (@kanhaiyakumar) October 9, 2026
गौरतलब है कि 10 अक्टूबर को सीजेपी के प्रोटेस्ट को लेकर एक तरफ जहां विपक्षी दल केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी में नजर आ रही है। वहीं दूसरी तरफ इस प्रोटेस्ट से ठीक पहले सरकार की सख्ती, दिल्ली में इंटरनेट बंद करने के साथ ही कई ट्रेनों के रद्द होने, 50 से अधिक मेट्रो स्टेशनों के बंद किए जाने को लेकर देश की राजनीति गरमा गयी है। इन सारे मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता कन्हैया कुमान ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। कन्हैया कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा….“कितना शर्मनाक है कि चोरों को बचाने के लिए आम लोगों को परेशान किया जा रहा है। चोरी चलता रहे इसके लिए रेल, रोड, मेट्रो और इंटरनेट बंद किया जा रहा है।” कन्हैया कुमार ने अपने दूसरे बयान में इसे जनता और बीजेपी के बीच की लड़ाई बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार वोट चोरी के जरिए सत्ता में आई है।
उन्होंने केंद्र सरकार को ‘डरपोक’ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। कन्हैया के इन बयानों के जरिए कांग्रेस ने सुरक्षा इंतजामों को लेकर सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की है। हालांकि, वोट चोरी से जुड़े आरोप विपक्ष की राजनीतिक दलील हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। RJD की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका भारती ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने मेट्रो स्टेशनों के बंद होने और संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों के रद्द होने का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि क्या देश में कभी भी आपातकाल की घोषणा की जा सकती है। प्रियंका भारती ने अपने बयान में ‘संपूर्ण क्रांति पार्ट-2’ का जिक्र करते हुए सरकार पर अहंकार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश के नागरिक लोकतांत्रिक तरीके से इस अहंकार को चुनौती देंगे। आरजेडी प्रवक्ता के इस बयान ने प्रदर्शन से पहले सुरक्षा इंतजामों को लेकर जारी राजनीतिक हमलों को और तेज कर दिया है।
तेजस्वी यादव ने भी सरकार को घेरा, वोट चोरी का लगाया आरोप
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर केंद्र सरकार पर हमला बोला। शुक्रवार, 9 अक्टूबर की शाम किए गए पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार घबरा चुकी है और चुनाव में कथित गड़बड़ियों के आरोप सामने आ चुके हैं। तेजस्वी यादव ने लिखा, “वोट डकैत घबरा चुके हैं। इनकी चोरी पकड़ी जा चुकी है। इन्हें जनता ने नहीं, इनके ही सिस्टम ने जिताया है। मोदी की कोई लोकप्रियता नहीं है। सब प्रचार और प्रबंधन है।” तेजस्वी के इस बयान में चुनावी प्रक्रिया और बीजेपी की राजनीतिक लोकप्रियता पर सवाल उठाए गए हैं। उनके आरोपों पर केंद्र सरकार या बीजेपी की प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने और परिवहन सेवाओं पर कथित प्रतिबंधों ने कई सवाल खड़े किए हैं। एक तरफ प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संभावित भीड़ को नियंत्रित करने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इन कदमों को आम लोगों की परेशानी और लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार से जोड़ रहा है। ट्रेनों और मेट्रो सेवाओं पर असर पड़ने की स्थिति में यात्रियों, कर्मचारियों और दिल्ली पहुंचने वाले प्रदर्शनकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, इंटरनेट सेवाओं पर रोक के दावों के बीच सूचना के आदान-प्रदान और आम नागरिकों की डिजिटल कनेक्टिविटी को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं।
अब बीजेपी के जवाब पर नजर
दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस और आरजेडी नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखे आरोप लगाए हैं। अब इस पूरे मामले में बीजेपी की प्रतिक्रिया, प्रशासन की ओर से प्रतिबंधों के पीछे बताए जाने वाले आधिकारिक कारण और प्रदर्शन के दिन की वास्तविक स्थिति महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल, CJP प्रदर्शन से पहले दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था केवल प्रशासनिक मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि यह केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच एक नए राजनीतिक टकराव का विषय बन गई है।


