सूरजपुर 9 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गांव पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों के हमले का मामला सामने आया है। प्रतापपुर थाना क्षेत्र के मदननगर गांव में करीब 100 से 150 ग्रामीणों की भीड़ ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया। आरोप है कि इस दौरान एक ASI के साथ मारपीट की गई, जबकि एक आरक्षक को पकड़कर बंधक बना लिया गया और उसके साथ भी मारपीट की गई। पुलिस ने मामले में 15 नामजद आरोपियों समेत करीब 100-150 ग्रामीणों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक 7 अक्टूबर को प्रतापपुर थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम दो आपराधिक मामलों में फरार चल रहे आरोपी बाबूलाल पोया और बनवारी की गिरफ्तारी के लिए मदननगर गांव पहुंची थी। सुबह करीब 9:40 बजे पुलिस टीम गांव पहुंची। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी वहां मौजूद थे। पुलिस टीम को देखते ही कथित तौर पर हल्ला मचाया गया, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। पुलिस का आरोप है कि ग्रामीण टांगी, तब्बल, फरसा, लाठी और डंडे लेकर मौके पर पहुंचे। भीड़ का रुख आक्रामक होता देख थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी वहां से निकलने लगे। इसी दौरान सहायक उप निरीक्षक योगेंद्र जायसवाल के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। पुलिस के अनुसार, वे किसी तरह वहां से निकलने में सफल रहे।
आरक्षक को पकड़कर बनाया बंधक
वहीं, आरक्षक रामदयाल राठिया को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। आरोप है कि उसके साथ हाथ-मुक्के, लाठी-डंडे और टांगी के पिछले हिस्से से मारपीट की गई। मारपीट के दौरान आरक्षक के बेहोश होने की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, होश आने पर आरक्षक ने खुद को पंचायत भवन में बंधक पाया। पुलिस का आरोप है कि ग्रामीणों ने आरक्षक रामदयाल राठिया से अन्य पुलिसकर्मियों को मौके पर बुलाने के लिए कहा। कथित तौर पर उसे धमकी दी गई कि अगर पुलिस टीम वापस नहीं आई तो उसे भी नहीं छोड़ा जाएगा। इसके बाद आरक्षक ने प्रधान आरक्षक विनोद परीड़ा को फोन किया और पूरी जानकारी दी। पुलिस टीम के दोबारा मौके पर नहीं पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने बाद में आरक्षक को छोड़ दिया।
15 नामजद समेत 100-150 लोगों पर केस
मामले में पुलिस ने बाबूलाल पोया, फुलजेंश, बनवारी, चमन, दीपक, रामू, अमित, दिनेश, कुलदीप, बिमला, सुंदरी, मानमती, जतरो, मानकुंवर और कैलाशो समेत करीब 100-150 ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, पुलिसकर्मियों से मारपीट, बंधक बनाने और धमकी देने समेत विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के साथ फरार आरोपियों की तलाश भी जारी है।


