रायपुर 7 अक्टूबर 2026। कवर्धा-बेमेतरा मार्ग पर सड़क के बीच पशुओं के बैठे मिलने पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए जमकर फटकार लगायी। मंगलवार देर रात कवर्धा जाते समय बेमेतरा टोल प्लाजा के पास उन्होंने अपना वाहन रुकवाया और मौके से ही विभागीय अधिकारियों से हाइवे पेट्रोलिंग व्यवस्था की जानकारी ली। इसके बाद पेट्रोलिंग वाहन को मौके पर बुलाकर रेस्क्यू और नियमित निरीक्षण की वास्तविक स्थिति भी जानी। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार हाइवे पर पेट्रोलिंग वाहन द्वारा नियमित निरीक्षण किया जा रहा है या नहीं।
जानकारी के मुताबिक गृहमंत्री विजय शर्मा मंगलवार की रात कवर्धा-बेमेतरा मार्ग से गुजर रहे थे। हाइवे पर जगह-जगह मवेशियों को बैठा देखकर विजय शर्मा का गुस्सा फूट पड़ा। लिहाजा उन्होने बेमेतर टोल प्लाजा पर काफिला रूकवाया और अधिकारियों से सड़कों पर बैठे मवेशियों को सुरक्षित हटाने संबंधित जानकारी मांगी। इसके बाद विजय शर्मा ने पेट्रोलिंग वाहन को मौके पर बुलवाया और अब तक किए गए पशु रेस्क्यू ऑपरेशन, प्रतिदिन के निरीक्षण और अन्य गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली। यानी इस मामले में सरकार का फोकस सिर्फ निर्देश जारी करने तक नहीं, बल्कि मैदानी स्तर पर उन निर्देशों के पालन की निगरानी पर भी है।
विजय शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कवर्धा से बेमेतरा के बीच आने वाले गांवों के स्थानीय लोगों के माध्यम से भी पेट्रोलिंग वाहन की गतिविधियों की नियमित जानकारी ली जाए। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि हाइवे पर पेट्रोलिंग लगातार होनी चाहिए और सड़क पर बैठे या विचरण कर रहे पशुओं को दिखाई देते ही तत्परता से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कार्रवाई की जाए।उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बताया कि सड़क पर पशुओं की मौजूदगी से केवल गौवंश की जान ही खतरे में नहीं पड़ती, बल्कि वाहन चालकों और यात्रियों के लिए भी गंभीर दुर्घटना का खतरा रहता है। खासकर रात में कम दृश्यता के कारण जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए पेट्रोलिंग दल को लगातार मार्ग का निरीक्षण करने और सड़क पर पशु दिखाई देने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई
विजय शर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि सड़क सुरक्षा और गौवंश की रक्षा से जुड़े सरकारी निर्देशों के पालन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पेट्रोलिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने के साथ-साथ इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मौके पर पेट्रोलिंग वाहन बुलाकर रेस्क्यू और निरीक्षण की जानकारी लेने की कार्रवाई से यह साफ है कि सरकार जमीनी स्तर पर व्यवस्था के क्रियान्वयन को लेकर जवाबदेही तय करना चाहती है।
अब निगाह इस बात पर होगी कि कवर्धा-बेमेतरा मार्ग पर नियमित पेट्रोलिंग, पशुओं का समय पर रेस्क्यू और स्थानीय स्तर से निगरानी के निर्देश कितनी प्रभावी तरीके से लागू होते हैं। सरकारी निर्देशों का वास्तविक असर तभी दिखेगा, जब सड़क पर पशु मिलने की स्थिति में पेट्रोलिंग टीम समय पर पहुंचे और दुर्घटना की आशंका बनने से पहले उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए।


