राजनांदगांव 5 अक्टूबर 2026। कहते हैं लालच बुरी बला है… लेकिन जब लालच के साथ गड़ा धन मिलने का सपना जुड़ जाए, तो फिर आधी रात नदी किनारे भी पहुंचने से लोग नहीं हिचकते। राजनांदगांव जिले में दुर्ग मार्ग स्थित मुतेड़ा नवागांव में शनिवार रात कुछ ऐसा ही मामला सामने आया, जहां आमनेर नदी के किनारे कथित तौर पर गड़ा धन निकालने के लिए तंत्र क्रिया किए जाने की बात सामने आई। नदी किनारे देर रात कुछ लोगों की संदिग्ध गतिविधियां देखकर ग्रामीणों को शक हुआ। सूचना पुलिस तक पहुंची और ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों के आने की भनक लगते ही वहां मौजूद अधिकांश लोग अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए, जबकि दो लोगों को पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
राजनांदगांव जिले में एक बार फिर गड़ा धन खोजने को लेकर अंधविश्वास का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि कहानी में खजाने की तलाश थी, रात का सन्नाटा था, कथित तंत्र-मंत्र का इंतजाम था और करीब आठ लोगों के पहुंचने की बात सामने आई। बस जिस चीज की तलाश थी, वह गड़ा धन मौके पर नहीं मिला। बताया जा रहा है कि गांव के नदी के पास तांत्रिक क्रिया की जानकारी के बाद ग्रामीण जैसे ही मौके पर पहुंचे, तंत्र क्रिया में शामिल अधिकांश लोग भाग निकले। वहीं ग्रामीणों ने दो लोगों को दौड़ाकर पकड़ लिया और बाद में उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पकड़े गए लोगों की पहचान दुर्ग निवासी अर्जुन चौहान और घुमका बरबसपुर निवासी कन्हैया लाल साहू के रूप में हुई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आमनेर नदी किनारे कथित तंत्र क्रिया का वास्तविक उद्देश्य क्या था और इस पूरी गतिविधि में कितने लोग शामिल थे।पुलिस पूछताछ में कन्हैया लाल साहू ने कथित तौर पर बताया कि मौके पर करीब आठ लोग पहुंचे थे। इनमें दुर्ग, दल्ली राजहरा सहित अन्य इलाकों के लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है। अब पुलिस फरार लोगों की पहचान और उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आमनेर नदी के इसी स्थान को कथित तंत्र क्रिया के लिए क्यों चुना गया था।
बलवंत साहू का नाम भी आया सामने
पूछताछ के दौरान अवेली निवासी बलवंत साहू का नाम भी सामने आने की जानकारी है। उसे कथित तौर पर इस पूरी गतिविधि का मुख्य सरगना बताया जा रहा है। हालांकि मामले में उसकी वास्तविक भूमिका क्या है, इसकी पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस पूरे मामले में शामिल लोगों से पूछताछ कर कथित तंत्र क्रिया और गड़ा धन निकालने की योजना से जुड़े तथ्यों को सामने लाने में जुटी है।
राजनांदगांव जिले की यह घटना सिर्फ एक रात की संदिग्ध गतिविधि भर नहीं है। यह उस सोच पर भी सवाल खड़े करती है, जिसमें मेहनत और तर्क के बजाय रातों-रात अमीर बनने के लिए तंत्र-मंत्र और कथित गड़े धन का सहारा तलाशा जाता है। सोचा गया होगा कि जमीन खोदेंगे, तंत्र क्रिया करेंगे और सुबह तक किस्मत चमक जाएगी… लेकिन किस्मत ने शायद रास्ता थोड़ा बदल दिया। गड़ा धन तो नहीं मिला, लेकिन पुलिस की पूछताछ जरूर मिल गई। जिस जगह खजाना मिलने की उम्मीद में लोग जुटे थे, वहीं से दो लोग पुलिस के कब्जे में पहुंच गए और बाकी लोगों को अंधेरे में भागना पड़ा।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में समय-समय पर तंत्र-मंत्र, चमत्कार और गड़े धन से जुड़ी चर्चाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे मामलों में कई बार लालच, अंधविश्वास और कथित तांत्रिक गतिविधियां लोगों को जोखिम भरे कदम उठाने के लिए प्रेरित करती हैं।मुतेड़ा नवागांव की घटना भी इसी मानसिकता पर सवाल खड़े करती है। अब पुलिस की जांच ही बताएगी कि आमनेर नदी के किनारे आखिर किस ‘खजाने’ की तलाश थी, कथित तंत्र क्रिया किसके कहने पर की जा रही थी और इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल थे।


