3 अक्टूबर 2026। राजधानी रायपुर में दिनदहाड़े एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी के अपहरण की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। बताया जा रहा है कि रांवाभाठा स्थित डीएम टावर के सामने से काले रंग की स्कार्पियो में सवार तीन अज्ञात व्यक्तियों ने ट्रांसपोर्ट कारोबारी प्रतीक राय का अगवा कर फरार हो गये। वारदात के 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। घटना के बाद से कारोबारी का मोबाइल फोन बंद है। इससे परिवार की चिंता बढ़ गई है। पुलिस ने पत्नी की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक घटना एक दिन पहले दोपहर करीब 2:28 बजे की है। प्रतीक राय दोपहर का भोजन करने के लिए डीएम टावर स्थित अपने फ्लैट पर पहुंचे थे। इसी दौरान काले रंग की स्कॉर्पियो उनके भवन के बाहर आकर रुकी। बताया जा रहा है कि वाहन से तीन युवक नीचे उतरे और प्रतीक को किसी जरूरी काम से बात करने का हवाला देकर फ्लैट से नीचे बुलाया। प्रतीक सामान्य तरीके से उनसे मिलने नीचे आए। कुछ देर तक उनके बीच बातचीत हुई। इसके बाद अचानक तीनों युवकों ने कथित तौर पर प्रतीक को पकड़ लिया और जबरन स्कॉर्पियो में बैठा दिया। इसके बाद आरोपी तेज रफ्तार से वाहन लेकर मौके से फरार हो गए।
जिस इलाके में यह वारदात हुई, वहां दिनदहाड़े कारोबारी को उठाकर ले जाने की घटना से लोगों में दहशत का माहौल है। घटना के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में सक्रियता बढ़ा दी है और संभावित रास्तों पर नाकेबंदी कर स्कॉर्पियो की तलाश शुरू की। परिजनों के मुताबिक घटना के बाद से प्रतीक राय का मोबाइल लगातार बंद आ रहा है। लंबे समय तक संपर्क नहीं होने के कारण परिवार किसी अनहोनी की आशंका से परेशान है। अपहरण की घटना सामने आने के बाद पुलिस कई एंगल से जांच कर रही है। हालांकि, अभी तक अपहरणकर्ताओं की ओर से परिवार से फिरौती की कोई मांग नहीं की गई है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कारोबारी का अपहरण व्यक्तिगत विवाद, कारोबारी रंजिश या किसी अन्य वजह से किया गया है। जांच के बाद ही अपहरण की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। जांच के दौरान कॉलोनी के एक युवक ने पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी दी है। युवक के मुताबिक उसे स्कॉर्पियो में सवार तीन युवकों में से दो के मोबाइल नंबर की जानकारी मिली है। पुलिस अब इन मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टॉवर लोकेशन की जांच कर रही है। इसके साथ ही घटना स्थल और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि स्कॉर्पियो का नंबर और आरोपियों की पहचान की जा सके।
पुलिस का दावा- जल्द कारोबारी तक पहुंचेंगे
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अलग-अलग स्तर पर जांच की जा रही है। CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि दिनदहाड़े राजधानी के भीड़भाड़ वाले इलाके से कारोबारी को आखिर कौन और किस मकसद से उठाकर ले गया? 24 घंटे बीतने के बाद भी कारोबारी का पता नहीं चलना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़कर कारोबारी को सुरक्षित बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।


