रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद को सुलझाने के लिए आज अहम बैठक होने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में दोनों राज्यों के बीच महानदी के जल बंटवारे और प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हुए। रवाना होने से पहले उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ महानदी के विषय पर बैठक होगी, जिसमें जल बंटवारे और प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर दोनों राज्यों के पक्षों पर चर्चा की जाएगी।
महानदी विवाद के समाधान को लेकर हाल ही में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच बातचीत हुई थी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भुवनेश्वर दौरे के दौरान ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने आपसी बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की उम्मीद जताई थी। इससे पहले 30 जुलाई को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी दोनों राज्यों ने बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने पर सहमति जताई थी। महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण ने भी आपसी समझौते की संभावनाओं का समर्थन किया है।
एक दशक से अधिक समय से चल रहा विवाद
छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच महानदी के पानी को लेकर विवाद एक दशक से अधिक समय से जारी है। ओडिशा का आरोप है कि छत्तीसगढ़ में महानदी के ऊपरी हिस्से में बनाए गए बैराजों के कारण नदी के निचले प्रवाह पर असर पड़ता है। विशेषकर कम बारिश और सूखे की स्थिति में ओडिशा को पर्याप्त पानी मिलने को लेकर चिंता जताई जाती रही है। ओडिशा सरकार ने वर्ष 2016 में छत्तीसगढ़ में बैराजों के निर्माण को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वर्ष 2018 में महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण का गठन किया गया।
महानदी का पानी दोनों राज्यों के लिए सिंचाई, पेयजल और औद्योगिक जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ऐसे में जल बंटवारे को लेकर सहमति बनना दोनों राज्यों के लिए अहम माना जा रहा है। अब सबकी नजर आज होने वाली बैठक पर है। दोनों राज्यों के बीच जल बंटवारे और नदी प्रबंधन को लेकर क्या सहमति बनती है, यह बैठक के नतीजों के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल विवाद के पूरी तरह समाप्त होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


