बलरामपुर 29 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में ACB की लगातार कार्रवाई के बावजूद रिश्वतखोरी के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला बलरामपुर का है, जहां सरगुजा ACB की टीम ने नागरिक आपूर्ति निगम (नान) के DMO विद्यासागर गोपाल को 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। रिश्वत मांगे जाने की शिकायत राइस मिल संचालक ने की थी। जिसके बाद ACB की टीम ने कलेक्टोरेट कैंपस में स्थित नागरिक आपूर्ति निगम के कार्यालय में यह कार्रवाइ की है।
जानकारी के मुताबिक सरगुजा एसीबी से शिकायतकर्ता शिवराज सिंह ने रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि बकाया बिल भुगतान के लिए डीएमओं द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। मंगलवार को ACB ने टीआई शरद सिंह के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की। शिकायतकर्ता राइस मिलर ने रिश्वत की रकम नान के DMO विद्यासागर गोपाल को दी। राइस मिलर का इशारा मिलते ही एसीबी की टीम नागरिक आपूर्ति निगम के दफ्तर में पहुंची और डीएमओ विद्यासागर गोपाल के पास से रकम जब्त की।
DMO को हिरासत में लेकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। गौरतलब है कि प्रदेश में रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाने ACB की टीम लगातार छापामार कार्रवाई कर रही है। बावजूद इसके प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामलों में कमी आती नजर नहीं आ रही है। ACB की कार्रवाईयों पर गौर करे तो हर महीने से 2 से अधिक विभागों में रेड की कार्रवाई कर रिश्वतखोरी के मामलों पर एक्शन लिया जा रहा है। ACB की लगातार कार्रवाई के बाद भी रिश्वतखोरी के मामले सामने आना सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने की चुनौती को उजागर करता है।


